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छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर को लेकर मचा हड़कंप, एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें, कालाबाजारी पर छापे… देश में लाइन में लगे लोगों की मौत से बढ़ी चिंता

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत कई शहरों में उपभोक्ताओं की भीड़
कई जगह 20–25 दिन तक रिफिल का इंतजार, कमर्शियल गैस सप्लाई पर भी असर
अवैध भंडारण और ब्लैक मार्केटिंग पर प्रशासन की सख्ती, सैकड़ों सिलेंडर जब्त
रायपुर/बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर को लेकर इन दिनों असामान्य स्थिति देखने को मिल रही है। प्रदेश के कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ता सिलेंडर रिफिल के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं, वहीं गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायतों के बाद प्रशासन ने प्रदेशभर में जांच और छापेमारी तेज कर दी है।
इसी बीच देश के अन्य राज्यों से गैस सिलेंडर के लिए लगी कतारों में लोगों की मौत की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन खबरों के बाद छत्तीसगढ़ में भी उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है और लोग गैस की उपलब्धता को लेकर लगातार जानकारी लेने एजेंसियों का रुख कर रहे हैं।
एजेंसियों के बाहर सुबह से लग रही कतारें
राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और धमतरी समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी जा रही है। कई जगह लोग सुबह से लाइन लगाकर सिलेंडर लेने का इंतजार करते नजर आए।
गैस एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में रिफिल सिलेंडर की आपूर्ति में देरी के कारण उपभोक्ताओं को 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे खासतौर पर उन परिवारों को परेशानी हो रही है जिनके घरों में गैस पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
ग्रामीण इलाकों में भी स्थिति अलग नहीं है। कई गांवों में गैस एजेंसी से सिलेंडर लाने के लिए उपभोक्ताओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
होटल, ढाबे और छोटे कारोबार पर असर
कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने की खबरों के बीच छोटे होटल, ढाबे और खानपान से जुड़े व्यवसायों पर भी असर देखा जा रहा है।
व्यापारियों के अनुसार
कमर्शियल गैस की कीमत पहले से ही अधिक है
कई जगह समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा
कुछ होटल और ढाबों ने मेन्यू सीमित कर दिए हैं
खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि गैस आपूर्ति नियमित नहीं हुई तो छोटे व्यवसायों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर कार्रवाई
गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने प्रदेश के कई जिलों में अभियान शुरू किया है।
जांच के दौरान
कई स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध भंडारण मिला
घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग सामने आया
संयुक्त कार्रवाई में सैकड़ों गैस सिलेंडर जब्त किए गए
राजधानी रायपुर, बिलासपुर और आसपास के जिलों में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने लगातार निरीक्षण किया है।
गैस की बढ़ती कीमत भी चिंता का कारण
मार्च 2026 में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के बाद उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत लगभग
रायपुर में करीब 980 रुपये के आसपास
बिलासपुर में करीब 950 रुपये के आसपास
दुर्ग में करीब 920 से 930 रुपये के बीच बताई जा रही है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत इससे कहीं अधिक है, जिसका सीधा असर होटल और खानपान व्यवसायों पर पड़ रहा है।
देश में लाइन में लगे लोगों की मौत की घटनाएं
देश के कुछ राज्यों से गैस सिलेंडर के लिए लगी कतारों में लोगों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में एक बुजुर्ग व्यक्ति गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतार में इंतजार करते समय अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। बताया गया कि वह कई घंटों से लाइन में खड़े थे।
इन घटनाओं के बाद कई राज्यों में प्रशासन ने गैस वितरण व्यवस्था की समीक्षा शुरू की है।
इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ी
गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता के बीच बाजार में इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ी है।
रिटेल दुकानों के संचालकों के अनुसार
इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री अचानक बढ़ी
कई दुकानों में स्टॉक तेजी से खत्म हुआ
लोग गैस खत्म होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।
प्रशासन की निगरानी
प्रदेश में गैस वितरण व्यवस्था पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन और खाद्य विभाग लगातार एजेंसियों का निरीक्षण कर रहे हैं।
जांच के दौरान
गैस एजेंसियों के स्टॉक की जानकारी ली जा रही है
उपभोक्ताओं की शिकायतों की जांच की जा रही है
अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर कार्रवाई की जा रही है
राज्य में गैस कंपनियों और प्रशासन के बीच समन्वय के साथ वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं।

छत्तीसगढ़ में गैस सप्लाई पर सियासत तेज: भूपेश बघेल का आरोप—प्रदेश में सिलेंडर की भारी किल्लत, सरकार सच छिपा रही

पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर उठाए सवाल
गैस एजेंसियों में स्टॉक खत्म होने का दावा, रेस्टोरेंट में 10% ‘सिलेंडर सरचार्ज’ लेने का आरोप
सरकार से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Bhupesh Baghel ने राज्य में गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर सवाल उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैस सप्लाई के हालात बेहद खराब हैं और कई जगह सिलेंडर नहीं मिलने की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि सरकार लगातार यह कह रही है कि किसी तरह की कमी नहीं है।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ में गैस सप्लाई की स्थिति भयावह होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें मिल रही हैं।
तस्वीरें शेयर कर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने अपने पोस्ट के साथ कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। इनमें गैस एजेंसी में लगे नोटिस, रेस्टोरेंट का बिल और गैस एजेंसी के बाहर खड़े उपभोक्ताओं की तस्वीरें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कई गैस एजेंसियों में स्टॉक खत्म होने के नोटिस लगाए जाने की जानकारी मिल रही है। पोस्ट में साझा की गई तस्वीरों में एजेंसी के बाहर सिलेंडर लेने के लिए खड़े लोगों की कतार भी दिखाई दे रही है।
रेस्टोरेंट में ‘सिलेंडर सरचार्ज’ का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक रेस्टोरेंट के बिल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण कुछ रेस्टोरेंट ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क ले रहे हैं।
उनके अनुसार बिल में 5 प्रतिशत जीएसटी के अलावा 10 प्रतिशत का अतिरिक्त “सिलेंडर सरचार्ज” जोड़ा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार की वसूली कानूनी है।
सरकार से जवाब मांगने की बात
भूपेश बघेल ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं गैस की कमी है तो उसे दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायतों की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री को टैग कर उठाया मुद्दा
अपने पोस्ट में भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और राज्य सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को टैग करते हुए गैस आपूर्ति की स्थिति पर जवाब देने की मांग की है।
प्रदेश में गैस को लेकर चर्चा तेज
गैस सिलेंडर की उपलब्धता और कीमत को लेकर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। कई जगह उपभोक्ताओं की कतारें और आपूर्ति में देरी की शिकायतें सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का रूप लेता दिख रहा है।

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