लाखासार से गौधाम योजना का शुभारंभ, सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गौमाता की पूजा कर की शुरुआत, पशुपालकों से संवाद
लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और गौरव पथ की घोषणा, प्रशिक्षण भवन के लिए 25 लाख मंजूर
बिलासपुर, 14 मार्च। न्यूज़ डॉन छत्तीसगढ़
प्रदेश में गोधन संरक्षण को नई दिशा देने की पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को बिलासपुर जिले में गौधाम योजना की शुरुआत की। तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम में गौमाता की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ही बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबाकर प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों के संचालन की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कोटा विकासखंड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के पहले गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गोधन भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है तथा राज्य सरकार गौसेवा और पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।



लाखासार में 25 एकड़ में विकसित गौधाम
तखतपुर विकासखंड के लाखासार में स्थापित गौधाम लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें से 19 एकड़ क्षेत्र में पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर का अवलोकन करते हुए बेसहारा और आवारा पशुओं के लिए चारा, पानी तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने चारागाह का भी जायजा लिया और पशुपालकों व ग्रामीणों से संवाद कर गौसंरक्षण से जुड़े कार्यों की जानकारी ली।
राज्य के सभी गौधाम होंगे “सुरभि गौधाम”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य की शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि गौधाम योजना का उद्देश्य बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय देना, पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
जोगीपुर में बनेगा प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण्य
मुख्यमंत्री ने कोटा विकासखंड के जोगीपुर में राज्य के पहले गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास किया। यह अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
अभ्यारण्य के तैयार होने के बाद यहां एक साथ लगभग 2500 पशुओं के संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
लाखासार को विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने लाखासार क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। इनमें महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और 500 मीटर लंबे गौरव पथ का निर्माण शामिल है।
इसके अलावा लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की स्वीकृति, एक काऊ कैचर वाहन और पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई।
एनडीडीबी के सहयोग से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण का कार्य शुरू किया गया है, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गौधाम योजना से बेसहारा पशुओं को आश्रय मिलने के साथ-साथ सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की संख्या कम होने से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार
तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो वादा करते हैं, उसे पूरा भी करते हैं और तखतपुर क्षेत्र में कई विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने गौधाम योजना को पुनीत पहल बताते हुए कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी विकासखंडों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इसके अलावा बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, संचालक पशु चिकित्सा डॉ. चंद्रकांत वर्मा, संयुक्त संचालक पशुपालन विभाग जी.एस. तंवर, गौसेवा आयोग जिला समिति अध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक और ग्रामीण कार्यक्रम में मौजूद रहे।
प्रदेश के विभिन्न जिलों के पशुपालक भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े।

