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छत्तीसगढ़ विधानसभा में कोटा के मुद्दों की गूंज, मंडी निधि के सामुदायिक भवन का एक साल बाद निकला टेंडर, रेत माफिया और हाईवे निर्माण में अवैध खुदाई पर अटल श्रीवास्तव का सरकार से जवाब तलब

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर/रायपुर। कोटा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों में देरी, अवैध रेत खनन और नेशनल हाईवे निर्माण में अनियमितताओं का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण के माध्यम से सरकार से जवाब मांगा और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत योजनाओं को अधिकारियों की लापरवाही के कारण महीनों तक रोके रखा जाता है, जिससे क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विधानसभा में उठे सवालों के बाद सरकार की ओर से जवाब भी आया, लेकिन विधायक ने इसे प्रशासनिक सुस्ती का उदाहरण बताया।
मंडी निधि से स्वीकृत सामुदायिक भवन: एक साल तक टेंडर ही नहीं
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक अटल श्रीवास्तव ने कृषि मंत्री से पूछा कि कोटा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मंडी निधि से स्वीकृत सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति कब दी गई तथा टेंडर कब जारी किया गया।
सरकार की ओर से जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि ग्राम कुसमुली, अमने, लिटिया, धुमा, बिल्लीबंद और परसापानी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 फरवरी 2026 को टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
इस पर विधायक श्रीवास्तव ने कहा कि इन कार्यों को स्वीकृति मिले एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है, इसके बावजूद टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक विधानसभा में सवाल नहीं उठाया गया, तब तक प्रशासन ने टेंडर की कार्रवाई शुरू नहीं की।
उन्होंने कहा कि यदि हर योजना में इसी तरह देरी होगी तो क्षेत्र में विकास कार्य समय पर कैसे पूरे होंगे।
वन क्षेत्र और पेशा गांवों से अवैध रेत खनन, मध्यप्रदेश भेजी जा रही सप्लाई
विधायक अटल श्रीवास्तव ने कोटा विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत खनन का मुद्दा भी सदन में उठाया।
उन्होंने बताया कि आमागोहन, खोड़री, खोंगसरा, करहीकछार, कोनचरा, जरगा, पकरिया, पीपरखुंटी, केंवची और ठाड़पथरा सहित कई वन क्षेत्र और पेशा एक्ट के गांवों में रेत माफिया सक्रिय हैं।
आरोप है कि माफिया बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत का अवैध उत्खनन कर इसे मध्यप्रदेश के बोंदर, करंजिया, अमरकंटक, डिंडौरी और गाढ़ासरई तक सप्लाई कर रहे हैं।
विधायक ने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी राजस्व, वन और खनिज विभाग के अधिकारियों को भी है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है और वन क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों ने एक विभागीय कर्मचारी पर रेत और मिट्टी माफिया की मदद करने का आरोप लगाते हुए कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
रतनपुर–जबलपुर हाईवे निर्माण में अवैध खुदाई और मनमानी
विधानसभा में उठाए गए तीसरे मुद्दे में विधायक अटल श्रीवास्तव ने रतनपुर–केंवची–जबलपुर नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का कार्य ठेकेदार द्वारा बेतरतीब तरीके से किया जा रहा है। जंगल, तालाब और पहाड़ियों से अवैध रूप से मिट्टी, रेत और अन्य निर्माण सामग्री की खुदाई कर सड़क निर्माण में उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत और जानकारी मिलने के बावजूद संबंधित विभागों के अधिकारी ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और उसे खुली छूट दी जा रही है।
विधायक ने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही और मनमानी के कारण क्षेत्र की जनता परेशान है। ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने पर ठेकेदार और उसके कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार और धमकाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
विधानसभा में उठे मुद्दों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी, अवैध खनन और निर्माण कार्यों में लापरवाही जैसे मुद्दों पर प्रशासन को जवाबदेह बनाना जरूरी है। उन्होंने सरकार से इन मामलों की गंभीर जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लगातार विधानसभा में उठाया जाता रहेगा ताकि प्रशासनिक स्तर पर सुधार हो सके और विकास कार्य समय पर पूरे हों।

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