
फर्जी अवार्ड-मेडल दिखाकर जमाया रौब, नौकरी और बाइक नीलामी के नाम पर लाखों वसूले
बिलासपुर, रायपुर,बेमेतरा। खुद को प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी बताकर बेरोजगार युवकों से लाखों रुपये ठगने वाले एक अंतरराज्यीय ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी अवार्ड और मेडल दिखाकर लोगों को भरोसे में लेता था और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम वसूलता था।
देवकर में किराए से रह रहा था, बताता था ट्रेनिंग पर आया IAS
पुलिस के अनुसार प्रार्थी जयपाल राजपूत निवासी सिंघनपुरी ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी रोहित कुमार (निवासी उत्तर प्रदेश) देवकर में किराये के मकान में रह रहा था। वह खुद को ट्रेनिंग पर आया प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी बताता था और विभागीय अधिकारियों से सीधा संपर्क होने का दावा करता था।
पुलिस विभाग में ड्राइवर की नौकरी का झांसा
आरोप है कि रोहित कुमार ने पुलिस विभाग में वाहन चालक की नौकरी लगवाने के नाम पर जयपाल राजपूत से 1,65,000 रुपये वसूले। रकम लेने के बाद वह फरार हो गया।
अन्य पीड़ितों से भी वसूली
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने—
भागचंद कुर्रे से नौकरी दिलाने के नाम पर 85,500 रुपये लिए
सुनील यादव से बाइक नीलामी में वाहन दिलाने का झांसा देकर 12,000 रुपये वसूले
पुलिस के मुताबिक आरोपी सरकारी भर्ती प्रक्रिया और नीलामी संबंधी जानकारी होने का दावा करता था और किस्तों में रकम लेता था।
23 फरवरी को देवकर में दिखा, फिर हुई गिरफ्तारी
बताया गया कि 23 फरवरी को प्रार्थी ने आरोपी को देवकर में देखा और अपने पैसे की मांग की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें अन्य ठगी के मामलों का खुलासा हुआ।
फर्जी दस्तावेज और मेडल बरामद
जांच के दौरान आरोपी के पास से फर्जी अवार्ड, मेडल और दस्तावेज मिले हैं, जिनका उपयोग वह खुद को उच्च अधिकारी बताने के लिए करता था। पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है।

