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गेट खुला, लेकिन गरमाया माहौल: ड्रीम इनक्लेव में रास्ते को लेकर फिर टकराव

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। सरकंडा के अशोक नगर स्थित ड्रीम इनक्लेव कॉलोनी में गरीबों के मकानों तक जाने वाले रास्ते पर लगाया गया गेट आखिरकार खुल गया, लेकिन इस कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा। नगर निगम की टीम जब मौके पर पहुंची तो कॉलोनीवासियों और प्रशासन के बीच तीखी बहस हुई। कुछ समय के लिए स्थिति विवादपूर्ण बन गई, हालांकि बाद में गेट खुलवा दिया गया।

नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर टीम ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत लेआउट के अनुसार 25 फीट चौड़ा रास्ता ईडब्ल्यूएस (अटल आधार) आवास तक जाने के लिए निर्धारित है और इसे किसी भी स्थिति में बाधित नहीं किया जा सकता।
क्यों हुआ विवाद?
ड्रीम इनक्लेव कॉलोनी के पीछे नगर निगम द्वारा निर्मित इंडसरयूएस (अटल आधार) भवनों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यहां तक पहुंचने के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था लेआउट में दर्शाई गई है। निगम के अनुसार यह 25 फीट चौड़ा रास्ता सार्वजनिक उपयोग के लिए स्वीकृत है।
लेकिन कॉलोनी के पीछे लगे गेट पर ताला लगाए जाने से आवास हितग्राहियों को आवाजाही में परेशानी हो रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और गेट खुलवाया। इसी दौरान कुछ रहवासियों ने आपत्ति जताई, जिससे बहस और विवाद की स्थिति बन गई।

कॉलोनी का विवरण
ड्रीम इनक्लेव कॉलोनी सरकंडा के खसरा नंबर 299/1, 301, 302/1, 394/11 और 305/10 में कुल 2.29 एकड़ भूमि पर विकसित की गई है। वर्ष 2021 में निर्माण पूर्ण कर लोगों ने यहां शिफ्टिंग कर ली थी। कॉलोनी को पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी किया जा चुका है।
रहवासियों के अनुसार बिल्डर द्वारा अतिरिक्त विकास शुल्क निगम में जमा किया गया है, ऐसे में अब रख-रखाव और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी नगर निगम की है। यहां “ड्रीम इनक्लेव आवासीय सहकारी समिति मर्यादित” (पंजीयन क्रमांक 768) का गठन भी किया गया है।
आगे क्या?
फिलहाल गेट खुल चुका है और आवास तक पहुंचने का रास्ता साफ है। लेकिन जिस तरह कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बनी, उससे यह स्पष्ट है कि मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। निगम प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि स्वीकृत लेआउट से किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब नजर इस बात पर है कि भविष्य में इस मार्ग को लेकर दोबारा कोई विवाद खड़ा होता है या प्रशासन स्थायी समाधान निकाल पाता है।

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