00 मोहल्ले वासियों का आरोप लीकेज की कई बार शिकायत की गई पर सुधार की ओर नहीं दिया गया ध्यान
बिलासपुर।
स्मार्ट सिटी बिलासपुर में विकास की रफ्तार कागजों पर तेज़ है, लेकिन ज़मीन पर तस्वीर उलटी नजर आ रही है। रामायण चौक की ओर जाने वाली सड़क पर नई मरम्मत शुरू होते ही जो हालात बने, उसने नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली को बेनकाब कर दिया। सड़क बनी, लेकिन नीचे बहते पानी ने कुछ ही दिनों में उसकी असलियत उजागर कर दी।
राजस्व कॉलोनी से रामायण चौक की ओर जाने वाली सड़क की मरम्मत का कार्य करीब एक सप्ताह पहले शुरू किया गया था। लंबे समय से खराब हालत झेल रहे इस मार्ग पर डामरीकरण शुरू होते ही लोगों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन यह उम्मीद ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। इसी सड़क पर कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन लीकेज की समस्या पहले से मौजूद थी, जिसकी जानकारी मोहल्लेवासी बार-बार नगर निगम के अधिकारियों को देते रहे।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क के नीचे से लगातार पानी रिसने के कारण मिट्टी पहले ही कमजोर हो चुकी थी। इसके बावजूद बिना लीकेज की मरम्मत कराए सड़क पर डामर बिछा दिया गया। जैसे ही सड़क का उपयोग बढ़ा, रामायण चौक की ओर जाने वाले इस मार्ग पर डामर धंसने लगा और देखते ही देखते बीच सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया।
गड्ढे से निकलता पानी साफ तौर पर यह दिखा रहा है कि समस्या सड़क निर्माण की गुणवत्ता से ज्यादा विभागीय लापरवाही की है। जब पानी और गड्ढा लोगों की नजर में आया, तब ठेकेदार से लेकर निगम के इंजीनियरों तक में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सड़क पर बेरी कटिंग कर उसे फिर से खोदा गया, जिससे नई बनी सड़क फिर उधड़ गई।
रामायण चौक जैसे व्यस्त मार्ग पर सड़क का इस तरह टूटना न सिर्फ राहगीरों के लिए परेशानी बना हुआ है, बल्कि यह सवाल भी खड़े कर रहा है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर किए जा रहे कार्यों में ज़मीनी स्तर पर निगरानी आखिर किसके जिम्मे है।
इस संबंध में अपर आयुक्त खजांची कुम्हार से पूछने पर उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा किसी ने किया है तो गलत है।

