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शराब भट्टी के खिलाफ महिलाओं का हल्लाबोल, दुकान खुलने से पहले पहुंचीं, बोलीं- अब नहीं चलेगी मधुबन की भट्टी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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दयालबंद के मधुबन इलाके में फूटा आक्रोश, महिलाओं ने अराजकता और सुरक्षा संकट का लगाया आरोप; प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और आबकारी टीम
बिलासपुर। दयालबंद स्थित मधुबन इलाके में संचालित शराब भट्टी के खिलाफ सोमवार को महिलाओं का गुस्सा सड़क पर उतर आया। शराब दुकान खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और दुकान के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने शराब भट्टी को तत्काल बंद करने तथा क्षेत्र से हटाने की मांग करते हुए जमकर विरोध जताया। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जिसके बाद पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।


स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि लंबे समय से शराब दुकान के कारण पूरे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि दुकान के आसपास आए दिन नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी नाराजगी ने सोमवार को संगठित विरोध का रूप ले लिया।
दुकान खुलने से पहले पहुंचीं महिलाएं, शुरू किया प्रदर्शन
सुबह से ही महिलाओं का समूह शराब दुकान के बाहर एकत्रित होने लगा। दुकान खुलने की तैयारी चल ही रही थी कि महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने शराब भट्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में बढ़ रही अव्यवस्था और असुरक्षा का मुद्दा उठाया।


महिलाओं का कहना था कि शराब दुकान की वजह से क्षेत्र का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब के सेवन के बाद कई लोग सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करते हैं, जिससे आम नागरिकों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है।


महिलाओं ने उठाए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने दावा किया कि शराब दुकान के आसपास आए दिन विवाद और हंगामे जैसी स्थितियां बनती हैं। उनका कहना है कि नशे में धुत लोग अक्सर अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे महिलाओं और युवतियों को असुरक्षा का एहसास होता है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के लोगों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
“परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा”
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि शराब दुकान के कारण बच्चों और युवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि आवासीय क्षेत्र के बीच संचालित इस शराब भट्टी के कारण परिवारों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहता है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एक स्वर में शराब दुकान को क्षेत्र से हटाने और स्थायी रूप से बंद करने की मांग उठाई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और आबकारी विभाग
स्थिति की जानकारी मिलते ही आबकारी विभाग के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से चर्चा की और उनकी शिकायतें सुनीं।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और शिकायतों से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।
मांग पर कायम रहीं प्रदर्शनकारी महिलाएं
आबकारी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भी महिलाओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि वे क्षेत्र से शराब भट्टी हटाए जाने तक आंदोलन जारी रखने के पक्ष में हैं। महिलाओं ने कहा कि उनकी प्राथमिक मांग मधुबन क्षेत्र में संचालित शराब दुकान को बंद करना है और इसके लिए वे आगे भी अपनी आवाज बुलंद करती रहेंगी।
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय महिला शांति बासोड़ और रिजवाना परवीन सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और क्षेत्र में बढ़ती समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

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