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सिरगिट्टी पुलिस ‘पास’, बाकी इलाकों की कार्रवाई ‘फेल’?—ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ एक्शन में दिखा बड़ा फर्क

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में फैलते ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के नेटवर्क के बीच सिरगिट्टी पुलिस और ACCU टीम की कार्रवाई ने अलग ही तस्वीर पेश की है। जहां एक ओर कई इलाकों में यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी रहने की चर्चाएं हैं, वहीं सिरगिट्टी पुलिस ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क पर सीधे वार किया है। इस एक्शन ने पुलिसिंग के स्तर पर ‘पास और फेल’ की बहस को भी हवा दे दी है।
15 अप्रैल 2026 को थाना सिरगिट्टी पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने बाजार चौक तिफरा क्षेत्र में दबिश देकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जुबैर रिजवी (32 वर्ष) और सन्नी सिंह ठाकुर (32 वर्ष), दोनों निवासी यदुनंदन नगर तिफरा के रूप में हुई है।
मोबाइल-व्हाट्सएप से चल रहा था सट्टे का खेल
मौके से पुलिस ने 2 मोबाइल फोन, नगद 1690 रुपए और व्हाट्सएप चैट व स्क्रीनशॉट के रूप में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत 41,690 रुपए आंकी गई है। आरोपियों द्वारा मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए लाइव मैचों पर दांव लगवाने का सिलसिला जारी था।
तुरंत एक्शन, सटीक प्लानिंग—सिरगिट्टी पुलिस की रणनीति चर्चा में
इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की कार्यशैली भी चर्चा में है। सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस और ACCU ने संयुक्त रूप से रणनीति बनाई और मौके पर पहुंचकर आरोपियों को बिना मौका दिए पकड़ लिया। डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करने की प्रक्रिया भी मौके पर ही पूरी की गई, जिससे केस मजबूत हुआ है।
कानूनी शिकंजा कसते ही बढ़ी हलचल
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7(2) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिससे पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
शहर से गांव तक फैला नेटवर्क, कार्रवाई पर उठते सवाल
ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा अब केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका दायरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सिरगिट्टी पुलिस की इस कार्रवाई ने बाकी क्षेत्रों की सक्रियता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां इस तरह के नेटवर्क के खिलाफ लगातार शिकायतों के बावजूद अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे।
डिजिटल दौर में बदलता सट्टे का चेहरा
इस केस ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि सट्टा कारोबार अब पारंपरिक तरीकों से निकलकर पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो चुका है। व्हाट्सएप ग्रुप, लाइव अपडेट और मोबाइल एप्स के जरिए संचालित यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, जिस पर लगाम लगाने के लिए इस तरह की त्वरित और तकनीकी कार्रवाई अहम मानी जा रही है।

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