
बिलासपुर। नगर पालिक निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 40 महाराणा प्रताप नगर, निराला नगर में सरकारी रोड-नाली की जमीन पर कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मोहल्लेवासियों की लगातार शिकायतों और निगम द्वारा धारा 307 (2) के तहत नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण नहीं हटाए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय निवासी श्याम कश्यप ने निगम आयुक्त को विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर निर्माण हटाने की मांग दोहराई है।
कांग्रेस नेता श्याम कश्ययप के आवेदन के मुताबिक, निराला नगर में राजा होटल के सामने पुराने बस स्टैंड के पास स्थित शासकीय सड़क, नाली और निस्तारी भूमि पर गिरिश पाण्डेय, शिरिश पाण्डेय और आशीष पाण्डेय द्वारा बिना अनुमति और दस्तावेज के निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों के पास भूमि स्वामित्व से जुड़े कोई वैध दस्तावेज—जैसे विक्रय पत्र, बी-1, खसरा, पांचसाला, ऋण पुस्तिका या टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति—उपलब्ध नहीं है।
जांच में ‘नया और अवैध’ निर्माण की पुष्टि का दावा

अभ्यावेदन में उल्लेख है कि मोहल्लेवासियों की शिकायतों के बाद निगम स्तर पर जांच टीम गठित की गई थी। दिनांक 03 जून 2025 को तैयार निरीक्षण प्रतिवेदन में निर्माण को नया और अवैध पाया गया, साथ ही एम.ओ.एस. नियमों के पालन नहीं होने की बात भी सामने आई। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने की बात कही गई है।
नोटिस के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण
नगर निगम द्वारा 28 अक्टूबर 2024, 06 नवंबर 2024 और 29 अगस्त 2025 को धारा 307 (2) के तहत नोटिस जारी किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। मोहल्लेवासियों ने 09 अप्रैल 2025 से लेकर 14 नवंबर 2025 तक कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, जिनकी प्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न बताई गई हैं।
नियमितीकरण का आवेदन खारिज होने का उल्लेख
आवेदन में यह भी कहा गया है कि संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा निर्माण को वैध कराने के लिए निगम में आवेदन दिया गया था, लेकिन दस्तावेजों के अभाव और शासकीय भूमि पर निर्माण होने के कारण इसे खारिज कर दिया गया। इसके बावजूद निर्माण को नहीं हटाया गया।
‘झूठे बयान देकर तथ्य छिपाने’ का आरोप
अभ्यावेदन में आरोप लगाया गया है कि निर्माणकर्ताओं द्वारा वास्तविक तथ्यों को छिपाकर असत्य आधारों पर बयान प्रस्तुत किए गए हैं। इसे अमान्य करने और अवैध कब्जा हटाने की मांग की गई है।
बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई का इंतजार
स्थानीय लोगों और पार्षदों द्वारा समय-समय पर की गई शिकायतों का हवाला देते हुए कहा गया है कि मामले में कार्रवाई की अपेक्षा बनी हुई है। आवेदन में निगम प्रशासन से तीन दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने की मांग की गई है।
आवेदक ने मांगा स्पष्टीकरण स्वीकार कर कार्रवाई का आग्रह
आवेदक श्याम कश्यप ने अपने जवाब-स्पष्टीकरण को स्वीकार करने और संबंधित व्यक्तियों के कथित अवैध निर्माण को तत्काल हटाने की मांग की है। यह आवेदन 06 अप्रैल 2026 को निगम आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

