

बिलासपुर ,छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक आरक्षक का सोशल मीडिया शौक उस पर भारी पड़ गया। पुलिस वर्दी पहनकर पत्नी के साथ फिल्मी गाने ‘हाय रानी, हेलो रानी’ पर डांस करते हुए बनाया गया वीडियो जैसे ही इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ, विभाग में हलचल मच गई। मामला संज्ञान में आते ही एसएसपी रजनेश सिंह ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए आरक्षक देवानंद कैवर्त्य को लाइन अटैच कर दिया।
वायरल रील से खुली पोल, वर्दी में रोमांस बना विवाद
पूरा मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पुलिसकर्मी अपनी पत्नी के साथ बेहद सहज और निजी अंदाज में डांस करता नजर आया। वीडियो में आरक्षक वर्दी में है और बैकग्राउंड में ‘हाय रानी, हेलो रानी’ गाना बज रहा है।
वीडियो वायरल होते ही यह सवाल उठने लगे कि क्या वर्दी में इस तरह के निजी वीडियो बनाना नियमों के दायरे में आता है?
मस्तूरी थाने का आरक्षक निकला वीडियो का किरदार
जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि वीडियो में दिख रहा पुलिसकर्मी मस्तूरी थाने में पदस्थ आरक्षक देवानंद कैवर्त्य है। उसने खुद यह वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर रील के रूप में अपलोड किया था।
पुलिस अधिकारियों ने उसकी सोशल मीडिया एक्टिविटी खंगाली तो सामने आया कि वह इंस्टाग्राम पर सक्रिय है और इसी के चलते उसने यह वीडियो बनाया।
गलती सिर्फ एक—वर्दी में बनाया वीडियो
सूत्रों के मुताबिक, आरक्षक का अपनी पत्नी के साथ डांस करना निजी दायरे में आता है, लेकिन वर्दी पहनकर इस तरह का वीडियो बनाना ही पूरे विवाद की जड़ बन गया।
पुलिस नियमों के अनुसार, वर्दी में किसी भी प्रकार की निजी या मनोरंजनात्मक गतिविधि का सार्वजनिक प्रदर्शन अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
SSP की सख्ती: ‘यूनिफार्म का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं’
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरक्षक देवानंद कैवर्त्य को लाइन अटैच कर दिया।
SSP का बयान:
“पुलिस विभाग एक अनुशासित बल है। यूनिफार्म सिर्फ कपड़ा नहीं, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसे पहनकर इस तरह की गतिविधियां करना अशोभनीय है। विभागीय मापदंडों का उल्लंघन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
विभाग में चर्चा, सोशल मीडिया पर बहस
इस घटना के बाद पुलिस विभाग के भीतर भी चर्चा का माहौल है, वहीं सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, तो कई लोग वर्दी की गरिमा बनाए रखने के पक्ष में सख्त कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं।
नियम क्या कहते हैं?
पुलिस मैनुअल के अनुसार—
वर्दी में किसी भी तरह की निजी या मनोरंजनात्मक प्रस्तुति सार्वजनिक मंच पर नहीं दी जा सकती
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय विभागीय आचार संहिता का पालन अनिवार्य है
वर्दी का उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए
एक रील… और कार्रवाई
महज कुछ सेकंड की एक इंस्टाग्राम रील ने एक आरक्षक के करियर पर असर डाल दिया। वीडियो भले ही मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया हो, लेकिन वर्दी में की गई इस प्रस्तुति ने उसे विभागीय कार्रवाई के दायरे में ला खड़ा किया।
बिलासपुर का यह मामला अब सोशल मीडिया और पुलिस अनुशासन के बीच संतुलन पर एक नई बहस छेड़ गया है।

