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बिलासपुर हाईकोर्ट नाराज…गंदगी और अधूरी नाली पर स्वतः संज्ञान, 1 हफ्ते में काम पूरा करने का आदेश

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शहर के सिरगिट्टी क्षेत्र में बदहाल स्वच्छता व्यवस्था और अधूरी नाली निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने छुट्टी के दिन भी विशेष सुनवाई की और नगर निगम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
खबर पर खुद संज्ञान, छुट्टी के दिन लगी कोर्ट
मामला 4 अप्रैल 2026 को प्रकाशित एक समाचार से जुड़ा है, जिसमें “बज-बजाती नाली के बीच पानी भरने की मजबूरी, बीमारियों का खतरा” शीर्षक से हालात उजागर किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इसे सुओ मोटू जनहित याचिका (WPPIL No. 17/2026) के रूप में दर्ज कर लिया और उसी दिन सुनवाई की।
डेढ़ महीने से अधूरा काम, 10 फीट गहरी खुदाई बनी मुसीबत
रिपोर्ट के अनुसार सिरगिट्टी के वार्ड क्रमांक-12 (बन्नाक क्षेत्र) में अजॉय यादव के घर से दत्तू मिश्रा के घर तक नाली निर्माण के लिए लगभग डेढ़ महीने पहले खुदाई की गई थी। इस दौरान करीब 10 फीट गहरी खाई खोदी गई, लेकिन इसके बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया।
खुदाई के दौरान सड़क किनारे की पानी पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई
नाली निर्माण आगे नहीं बढ़ा
पाइपलाइन की मरम्मत भी नहीं की गई
नतीजतन क्षेत्र में जल आपूर्ति बाधित हो गई है और लोग परेशान हैं।
गंदगी के बीच पानी भरने को मजबूर लोग
कोर्ट ने माना कि हालात बेहद चिंताजनक हैं—
अधूरी नाली में घरों का गंदा पानी जमा हो रहा है
लोग इसी गंदगी के बीच से गुजरकर पानी भरने को मजबूर हैं
मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा
कोर्ट ने इसे अत्यधिक लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने का मामला बताया।
नगर निगम कमिश्नर को सख्त निर्देश
कोर्ट ने बिलासपुर नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया—
1 सप्ताह के भीतर नाली निर्माण पूरा करें
क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को तुरंत सुधारकर पानी सप्लाई बहाल करें
जमा गंदे पानी की सफाई और क्षेत्र का सैनिटाइजेशन कराएं
जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई तय करें
व्यक्तिगत हलफनामा देने का आदेश
कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को अगली सुनवाई (9 अप्रैल 2026) तक व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने को कहा है, जिसमें—
अब तक की गई कार्रवाई
कार्य की वर्तमान स्थिति
टेंडर (NIT) और वर्क ऑर्डर की तारीख
तय समय सीमा
की जानकारी देनी होगी।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि ऐसी लापरवाही के कारण नागरिकों को अस्वच्छ और खतरनाक परिस्थितियों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो अस्वीकार्य है। साथ ही उम्मीद जताई कि एक सप्ताह में स्थिति सुधर जाएगी और लोगों को दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से राहत मिलेगी।

अधूरी नाली और टूटी पाइपलाइन बना बड़ा संकट
हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन की सुनवाई
1 हफ्ते में काम पूरा करने का अल्टीमेटम
9 अप्रैल को अगली सुनवाई, कमिश्नर से जवाब तलब

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