



कोरबा | रजगामार चौकी क्षेत्र से बड़ी खबर
हनुमान जयंती के उल्लास और आस्था के बीच गुरुवार रात कोरबा के रजगामार चौकी इलाके में एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे कार्यक्रम को दहशत में बदल दिया। LIVE वीडियो में कैद इस घटना ने न सिर्फ लापरवाही की तस्वीर सामने रखी, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे ‘आग से करतब’ एक पल में जानलेवा बन सकता है।
करतब के दौरान भड़की आग, महिला बनी पहली शिकार
घटना मेन क्लब एरिया की है, जहां हनुमान सेवा समिति द्वारा हर वर्ष की तरह इस साल भी भव्य आयोजन किया गया था। दिन में पूजा-पाठ और भंडारा, तो शाम में भव्य रैली—कार्यक्रम पूरी रफ्तार में था। इसी दौरान दुर्ग से आए कलाकारों की टीम धार्मिक वेशभूषा में आग के साथ करतब दिखा रही थी।
करीब 6-7 कलाकार अलग-अलग देवी-देवताओं—हनुमान, शंकर, दुर्गा और काली माता—का रूप धारण कर प्रदर्शन कर रहे थे। तभी काली माता का रूप धारण किए एक महिला कलाकार ने मुंह से ज्वलनशील पदार्थ के जरिए आग का करतब दिखाने की कोशिश की… और यहीं सब कुछ बदल गया।
अचानक लपटें बेकाबू हो गईं और महिला खुद आग की चपेट में आ गई।
बचाने दौड़े साथी भी झुलसे, मचा हड़कंप
महिला को आग में घिरा देख उसके दो साथी उसे बचाने दौड़े, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि वे भी उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही सेकंड में मंच के आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया। अगर कुछ और देर होती, तो यह हादसा विकराल रूप ले सकता था क्योंकि कार्यक्रम में सैकड़ों लोग मौजूद थे।
तीनों की हालत गंभीर, जिला अस्पताल से रेफर
घायलों को तुरंत जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद तीनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया है। महिला समेत तीनों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
LIVE वीडियो ने खोली सुरक्षा इंतजामों की पोल
घटना का LIVE वीडियो सामने आने के बाद अब आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। इतने बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में आग से जुड़े खतरनाक करतब के दौरान सुरक्षा उपायों का अभाव साफ नजर आ रहा है।
बड़ा सवाल—कौन जिम्मेदार?
क्या आयोजन समिति ने सुरक्षा मानकों का पालन किया?
क्या प्रशासन को इस तरह के खतरनाक प्रदर्शन की जानकारी थी?
क्या कलाकारों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मौजूद थे?
हर साल की तरह इस बार भी रजगामार इलाके में हनुमान जयंती का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया था, जिसमें कॉलोनी, बस्ती और आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
यह हादसा एक चेतावनी है कि आस्था और उत्सव के बीच सुरक्षा से समझौता कितना भारी पड़ सकता है। फिलहाल पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा और चिंता का माहौल है।

