Latest news

सिम्स में फायर सेफ्टी पर बड़ा एक्शन, 664 सिलेंडरों की जांच, NICU–PICU तक हाई अलर्ट

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में फायर सेफ्टी को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों, परिजनों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे परिसर में व्यापक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फायर सेफ्टी सिस्टम के हर पहलू—अग्निशमन उपकरण, अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर और इमरजेंसी एग्जिट—की गहन जांच की गई।


निरीक्षण का नेतृत्व अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने किया। अधिकारियों ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
664 अग्निशमन सिलेंडरों की ग्राउंड पर जांच
अस्पताल में लगे ABC और CO2 गैस वाले कुल 664 अग्निशमन सिलेंडरों की मौके पर ही फिटनेस, प्रेशर और एक्सपायरी की जांच की गई। ये सिलेंडर वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी यूनिट और संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि हर सिलेंडर की नियमित जांच, समय पर रिफिलिंग और सही स्थान पर उपलब्धता सुनिश्चित हो—ताकि जरूरत पड़ते ही तत्काल इस्तेमाल हो सके।
NICU–PICU में विशेष सतर्कता
अस्पताल के सबसे संवेदनशील विभागों—NICU (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) और PICU (बाल गहन चिकित्सा इकाई)—में विशेष फोकस रखा गया।
यहां फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर की कार्यक्षमता की जांच की गई, ताकि धुआं या आग लगने पर तुरंत अलर्ट मिल सके। साथ ही पूरे अस्पताल में लगे ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम को भी टेस्ट किया गया।
इमरजेंसी एग्जिट पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी एग्जिट का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए कि सभी निकासी मार्ग:
पूरी तरह साफ रहें
कहीं भी अवरोध न हो
साइन बोर्ड स्पष्ट और दिखने योग्य हों
ताकि किसी भी आपदा में मरीजों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
बैठक में तय हुई आगे की रणनीति
निरीक्षण के बाद आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें वरिष्ठ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स जैसे बड़े अस्पताल में रोज हजारों लोगों की आवाजाही होती है, ऐसे में मजबूत फायर सेफ्टी सिस्टम बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
सभी कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए
समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जाए
हर विभाग में जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त हों
वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सुरक्षा में छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को फायर सेफ्टी उपकरणों का नियमित ऑडिट और खराबी मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
मरीजों और परिजनों को भी मिलेगी जानकारी
अस्पताल प्रबंधन अब फायर सेफ्टी को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इसके तहत:
सूचना पट्ट लगाए जाएंगे
दिशा-निर्देश जारी होंगे
पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का उपयोग किया जाएगा
उद्देश्य: हादसे से पहले तैयारी
सिम्स प्रबंधन का कहना है कि इस पूरी कवायद का मकसद आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि आग जैसी किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।