बिलासपुर/रायपुर
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन करते हुए विधानसभा का घेराव किया। बिलासपुर जिले से भी हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी रैली के रूप में रायपुर पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।





बिलासपुर से निकला विशाल जत्था, राजधानी में दिखी ताकत
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा मनरेगा का नाम परिवर्तन किए जाने के विरोध में बुलाए गए इस विधानसभा घेराव कार्यक्रम में बिलासपुर जिले के कांग्रेस जनों ने जबरदस्त भागीदारी दर्ज कराई। सुबह से ही जिले के विभिन्न ब्लॉकों से कार्यकर्ता बसों, चारपहिया वाहनों और निजी साधनों से रायपुर के लिए रवाना हुए।
रायपुर पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संगठित रूप से विधानसभा का घेराव किया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
पूर्व योग आयोग सदस्य रविंद्र सिंह भी बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह भी भारी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेसजनों और समर्थकों के साथ शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और आंदोलन को मजबूती दी।
नारेबाजी और विरोध के बीच गरमाया सियासी माहौल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “मनरेगा बचाओ”, “किसान-गरीब विरोधी नीति बंद करो” जैसे नारों के साथ सरकार को घेरा। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार योजनाओं के नाम बदलकर जनता को गुमराह कर रही है और मूल उद्देश्य को कमजोर किया जा रहा है।
पुलिस की तैनाती, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधानसभा घेराव को देखते हुए रायपुर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। हालांकि, पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
कांग्रेस का ऐलान – आंदोलन रहेगा जारी
कांग्रेस नेताओं ने साफ संकेत दिया कि यदि सरकार ने मनरेगा जैसे जनहितकारी योजनाओं में बदलाव करना बंद नहीं किया, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
राजनीतिक मायने
इस प्रदर्शन को आगामी राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है, जहां कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। बिलासपुर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने संगठन की मजबूती का भी संदेश दिया है।
क्या है मुद्दा?
मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन का विरोध
केंद्र सरकार पर योजनाओं को कमजोर करने का आरोप
कांग्रेस का दावा – गरीब और मजदूर हित प्रभावित
अगर चाहें तो मैं इसमें नेताओं के बयान, ग्राउंड रिपोर्टिंग एंगल और और ज्यादा आक्रामक “फ्रंट पेज” ट्रीटमेंट भी जोड़ सकता हूं।

