बिलासपुर के तिफरा स्थित कालिका नगर में जमीन विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने दर्जनों युवकों के साथ मिलकर न सिर्फ 40 परिवारों को धमकाया, बल्कि उनकी जमीन समतल कर सैकड़ों पेड़ों को काटकर जला दिया। वर्षों से रह रहे लोगों का रास्ता भी घेर लिया गया है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।



बिलासपुर। तिफरा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 07 अंतर्गत कालिका नगर में जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। क्षेत्र के करीब 40 परिवारों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी निजी भूमि पर जबरन कब्जे की कोशिश की जा रही है।
प्रार्थीगणों के अनुसार, वे सभी कई वर्षों से अपनी जमीन पर कृषि कार्य करते हुए मकान बनाकर निवास कर रहे हैं। उनके आने-जाने के लिए बछेरा तालाब से सत्संग भवन के बगल से एक पक्की सड़क बनी हुई है, जिसका उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ दूरी तक उन्होंने खुद गिट्टी-मुरूम डालकर रास्ता तैयार किया है।
आरोप है कि पिछले एक माह से मनजीत सिंह गुबर नामक व्यक्ति ने इलाके में टेंट लगाकर 15-20 युवकों को बैठा रखा है। ये युवक दिनभर मोहल्ले में डेरा डाले रहते हैं और लोगों पर जमीन छोड़ने या बेचने का दबाव बना रहे हैं। मना करने पर धमकाने की बात भी सामने आई है।
प्रार्थियों ने बताया कि उनकी कृषि योग्य जमीन को जेसीबी मशीन से समतल कर दिया गया है, जिससे जमीन की पहचान तक मुश्किल हो गई है। इतना ही नहीं, वहां लगे करीब 500 नीम, परसा, बबूल सहित अन्य पेड़ों को काटकर आग के हवाले कर दिया गया। विरोध करने पर मोहल्ले के लोगों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस घटनाक्रम के बाद से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। आने-जाने का रास्ता भी बाधित किया जा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कलेक्टर से मांग की गई है कि मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए, जमीन और मोहल्ले की स्थिति का आकलन कर समस्याओं का समाधान किया जाए तथा वर्षों से उपयोग में आ रहे रास्ते को बहाल कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
इस मामले की प्रतिलिपि केंद्रीय आवास मंत्री, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर और नगर निगम कमिश्नर को भी भेजी गई है।

