
वाटर कैनन और लाठीचार्ज में घायल हुए नेताओं-कार्यकर्ताओं का जाना हाल; बोले- छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता
बिलासपुर। NEET पेपर लीक मामले को लेकर सांसद तोखन साहू के निवास घेराव के दौरान हुए बवाल के बाद अब सियासी पारा और चढ़ गया है। पुलिस की ओर से वाटर कैनन और लाठीचार्ज की कार्रवाई में घायल हुए एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हाल जानने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ देर शाम सिम्स अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने भर्ती नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
सिम्स पहुंचने के बाद विनोद जाखड़ ने घायल कार्यकर्ताओं से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य और NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर जवाब मांगने पहुंचे युवाओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। जाखड़ ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं को रोकने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लिया गया।
वाटर कैनन और लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता घायल
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई जोरदार झड़प में कई नेता और कार्यकर्ता घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के दौरान पहले धक्का-मुक्की हुई, फिर हालात बिगड़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद लाठीचार्ज की भी नौबत आई।
पानी की तेज बौछारों और पुलिस कार्रवाई में कई कार्यकर्ता सड़क पर गिर पड़े। कुछ को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि कई घायलों को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल लाया गया।
सिम्स में जुटे कांग्रेस और NSUI के नेता
घायलों की सूचना मिलते ही कांग्रेस और एनएसयूआई के कई नेता सिम्स पहुंच गए। अस्पताल परिसर में देर रात तक नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही बनी रही। घायल कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया।
अस्पताल में मौजूद कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि वे छात्रों के हित में शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन उन्हें बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया गया।
“पेपर लीक पर जवाब मांगने वालों पर बरसी लाठियां”
विनोद जाखड़ ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र NEET पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में जवाब मांगना छात्रों का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध करने वालों पर पानी की बौछारें और लाठियां बरसा रही है।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पेपर लीक मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और छात्रों को न्याय नहीं मिलता।
दिनभर चला हाईवोल्टेज प्रदर्शन
गौरतलब है कि मंगलवार को सांसद तोखन साहू के निवास घेराव के लिए निकले NSUI कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झूमाझपटी हुई। हालात बिगड़ने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इसी दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता भी फट गया था और कई कार्यकर्ता घायल हुए थे।
एक नजर में
- NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन में कई कार्यकर्ता घायल।
- पुलिस की वाटर कैनन और लाठीचार्ज कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद।
- NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पहुंचे सिम्स अस्पताल।
- घायलों से मुलाकात कर जाना स्वास्थ्य का हाल।
- पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना।
- पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
- कांग्रेस और NSUI ने आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए।

