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सिम्स में अब ‘सुपर स्पेशियलिटी’ जैसी सुविधा: CMPDI के CSR से मिली हाईटेक मशीनें, गर्भस्थ शिशु से गंभीर बीमारियों तक की जांच होगी और सटीक

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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संभाग के सबसे बड़े अस्पताल को मिली नई ताकत, रोजाना 2200 मरीजों को मिलेगा आधुनिक इलाज का फायदा
बिलासपुर। संभाग के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल सिम्स में अब मरीजों को और आधुनिक इलाज की सुविधा मिलने जा रही है। सीएमपीडीआई (CMPDI) क्षेत्रीय संस्थान-5, बिलासपुर ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत सिम्स को अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनें उपलब्ध कराई हैं। इनमें हाई कैपेसिटी अल्ट्रासाउंड मशीन और सीटीजी (कार्डियोटोकोग्राफी) मशीन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
नई मशीनों के जरिए अब गंभीर बीमारियों की पहचान अधिक सटीक तरीके से हो सकेगी, वहीं गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशुओं की निगरानी भी पहले से ज्यादा बेहतर हो पाएगी।
कलेक्टर की मौजूदगी में सौंपा गया एमओए
आज 16 मई 2026 को आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर कलेक्टर डॉ. संजय अग्रवाल की उपस्थिति में एमओए की प्रति सिम्स प्रबंधन को सौंपी गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
अल्ट्रासाउंड मशीन से बढ़ेगी गंभीर बीमारियों की पहचान क्षमता
सिम्स को मिली अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन शरीर के आंतरिक अंगों की जांच अधिक स्पष्टता और सटीकता से करने में सक्षम होगी। इससे गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान आसान होगी और मरीजों को समय रहते बेहतर उपचार मिल सकेगा।
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि नई तकनीक से जांच प्रक्रिया तेज होने के साथ रिपोर्ट की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान बनेगी सीटीजी मशीन
सीटीजी मशीन विशेष रूप से महिला एवं प्रसूति रोग विभाग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह मशीन गर्भस्थ शिशु की हृदय गति और मां की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी करेगी।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में यह तकनीक डॉक्टरों को समय रहते निर्णय लेने में मदद करेगी, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
“सिम्स में महानगरों जैसी सुविधाएं देने की कोशिश”
कलेक्टर डॉ. संजय अग्रवाल ने कहा कि सिम्स संभाग का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल है, जहां प्रतिदिन लगभग 2000 से 2200 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सिम्स में लगातार नई तकनीक और आधुनिक मशीनों को जोड़ा जा रहा है ताकि मरीजों को महानगरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में सीएमपीडीआई की CSR भागीदारी को प्रेरणादायी बताया।
“नई मशीनों से उपचार व्यवस्था होगी और मजबूत”
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के आने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने कहा कि सिम्स लगातार उन्नत तकनीकी सुविधाओं को शामिल कर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि नई मशीनों के जरिए जांच प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और सुविधाजनक होगी। इससे डॉक्टरों को गंभीर बीमारियों की पहचान करने में तकनीकी सहायता मिलेगी और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।
महिला एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी ने कहा कि सीटीजी मशीन गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे गर्भावस्था के दौरान शिशु की स्थिति की लगातार निगरानी संभव होगी और जटिल परिस्थितियों में तत्काल उपचार दिया जा सकेगा।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में सीएमपीडीआई क्षेत्रीय संस्थान-5, बिलासपुर के विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन एवं प्रशासन) आलोक श्रीवास्तव एवं उनकी टीम मौजूद रही।
सिम्स की ओर से अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप, विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. दीपिका सिंह, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट स्वाति कुमार, उज्ज्वला दास, सरिता बहादुर, पिकी दास, नमिता वानी, सीत कुरे, पुष्पलता शर्मा और नेहा उड़ान सहित अन्य चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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