Latest news

आरबीआई के फैसले का कैट ने किया स्वागत, पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द होने पर बोला—जनहित में बड़ा कदम

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
4 Min Read


कैट ने कहा—उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला फैसला
डाटा सुरक्षा और विदेशी निवेश को लेकर व्यापक जांच की उठाई ममां छोटे कारोबारियों को परेशानी न हो, इसके लिए ट्रांजिशन प्लान की मांग
बिलासपुर, 25 अप्रैल 2026। देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द करने के फैसले का स्वागत किया है। संगठन ने इसे जनहित में उठाया गया एक सख्त और जरूरी कदम बताया है।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी, राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा, बिलासपुर जिलाध्यक्ष हीरानंद जयसिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संजय मित्तल, दिलीप खेंडेलवाल, सुरेंद्र सिंह अजनानी, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, महामंत्री परमजीत उबेजा सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि यह कार्रवाई करोड़ों भारतीयों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
नियमों की अनदेखी और प्रबंधन विफलता पर कार्रवाई
कैट बिलासपुर अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह ने कहा कि आरबीआई का यह फैसला बार-बार नियमों की अनदेखी, प्रबंधन की विफलता और केंद्रीय बैंक के निर्देशों की लगातार अवहेलना का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में भी आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक की बैंकिंग गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन चेतावनियों के बावजूद सुधार नहीं किए गए, जिसके चलते अंततः लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई करनी पड़ी।
जमाकर्ताओं के लिए राहत, पैसा सुरक्षित—कैट
कैट ने आरबीआई द्वारा दिए गए इस आश्वासन की सराहना की कि जमाकर्ताओं का पैसा सुरक्षित है और नियमानुसार उन्हें वापस मिलेगा।
जयसिंह ने कहा कि यह भरोसा खासतौर पर छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, स्वरोजगार से जुड़े लोगों और महिला उद्यमियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो रोजमर्रा के लेनदेन के लिए बड़े पैमाने पर पेटीएम का उपयोग करते थे।
छोटे व्यापारियों के लिए ट्रांजिशन व्यवस्था जरूरी
कैट ने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई से सूक्ष्म और छोटे व्यापारियों को लेनदेन में असुविधा हो सकती है।
इसलिए संगठन ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि उपभोक्ताओं और व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सुचारु संक्रमण (ट्रांजिशन) व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
डाटा सुरक्षा और विदेशी निवेश पर उठे सवाल
कैट नेताओं राजू सलूजा, आशीष अग्रवाल और परमजीत उबेजा ने पेटीएम प्लेटफॉर्म के माध्यम से वर्षों में एकत्र किए गए वित्तीय और उपभोक्ता डाटा के प्रबंधन, भंडारण और उसके लोकेशन को लेकर व्यापक जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि कंपनी में चीन से जुड़ी संस्था अलीबाबा सहित विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी रही है, ऐसे में डाटा सुरक्षा, डाटा संप्रभुता और राष्ट्रीय हित से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है।
डिजिटल पेमेंट पर भरोसा बना रहना जरूरी
कैट ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज के आधुनिक व्यापार की रीढ़ है और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स पर जनता का विश्वास कमजोर नहीं होना चाहिए।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि आरबीआई की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि कोई भी संस्था, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, नियमों का उल्लंघन कर ग्राहकों के हितों से समझौता नहीं कर सकती।
पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी
कैट पदाधिकारियों ने दोहराया कि वित्तीय नवाचार केवल पारदर्शिता, जवाबदेही और भारतीय कानूनों के पूर्ण पालन के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं, व्यापारियों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।