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मुख्य सचिव से फेडरेशन की सीधी बात, 11 मांगों पर विस्तृत चर्चा, डीए एरियर से लेकर पेंशन तक जल्द फैसले के संकेत

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बैठक में कर्मचारियों की वेतन विसंगति, अवकाश नकदीकरण, सेवा गणना और कैशलेस चिकित्सा जैसे मुद्दे उठे; सरकार ने समाधान के लिए गंभीरता दिखाई
बिलासपुर (छत्तीसगढ़), 28 मार्च 2026।
प्रदेश के लाखों कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर 11 सूत्रीय मांगों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। इस दौरान कर्मचारियों की लंबित समस्याओं, वेतन विसंगतियों और पेंशन से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया गया। मुख्य सचिव ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिया।
मांगों पर विस्तार से रखी बात
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि डीए एरियर की राशि को जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाए। इसके साथ ही 300 दिवस के अर्जित अवकाश के नगदीकरण, चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करने और विभिन्न विभागों में वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
उन्होंने शिक्षकों की सेवा गणना पहली नियुक्ति तिथि से करने का मुद्दा भी उठाया, जिसे लंबे समय से कर्मचारी वर्ग उठा रहा है।
सात साल से लंबित बैठक पर नाराजगी
फेडरेशन ने राज्य स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक पिछले सात वर्षों से नहीं होने पर नाराजगी जताई। इस पर मुख्य सचिव ने शीघ्र बैठक आयोजित कराने का आश्वासन दिया, जिससे कर्मचारी संगठनों में उम्मीद जगी है।
आधार आधारित उपस्थिति पर भी उठे सवाल
प्रदेश में लागू की जा रही आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली में आ रही तकनीकी दिक्कतों को भी बैठक में रखा गया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में किसी भी अधिकारी पर नियम विरुद्ध दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए और कर्मचारियों का सहयोग स्वैच्छिक होना चाहिए।
संविदा नियुक्तियों पर उठी आपत्ति
फेडरेशन ने यह भी मुद्दा उठाया कि विभागों में योग्य अधिकारियों की उपलब्धता के बावजूद सेवानिवृत्त अधिकारियों को संविदा नियुक्ति दी जा रही है। इस पर मुख्य सचिव ने सहमति जताते हुए रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिया।
पेंशनरों के लिए भी बड़ी मांग
बैठक में पेंशनरों की समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा गया। फेडरेशन ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, लंबित 3 प्रतिशत महंगाई राहत देने और अन्य राज्यों की तर्ज पर राहत प्रदान करने की मांग की। मुख्य सचिव ने इन मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कर्मचारियों से कर्तव्य निभाने की अपील
मुख्य सचिव ने कहा कि शासकीय सेवकों को जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा से पालन करना चाहिए। उन्होंने कर्मचारी संगठनों से प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुगम और जवाबदेह बनाने के लिए सुझाव भी मांगे।
सकारात्मक माहौल में समाप्त हुई बैठक
फेडरेशन ने कैशलेस सुविधा, बीमा योजना और अर्जित वेतन ऋण प्रणाली लागू करने के लिए मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया। इस संवाद से कर्मचारी वर्ग में सकारात्मक संदेश और नई उम्मीद जगी है।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
बैठक में प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, उप संयोजक पवन कुमार शर्मा, प्रांतीय सलाहकार जी.आर. चंद्रा, चंद्रशेखर तिवारी, बी.पी. शर्मा, संजय सिंह, पंकज पांडेय और जय कुमार साहू सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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