नई दिल्ली/बिलासपुर, 27 मार्च 2026।
केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत जारी दूसरी किस्त में छत्तीसगढ़ को ₹194.9 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि में से बिलासपुर नगर निगम को लगभग ₹20 करोड़ मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे शहर में शहरी आधारभूत संरचना और नागरिक सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू के प्रयासों और मंत्रालय स्तर पर समन्वय के बाद यह राशि वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई। यह अनुदान वित्तीय वर्ष 2024–25 के लिए नॉन-मिलियन प्लस सिटीज़ (एनएमपीसी) के तहत दूसरी किस्त के रूप में दिया गया है।
बिलासपुर को क्या मिलेगा फायदा
जारी की जा रही राशि से बिलासपुर शहर में पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में काम किए जाने की संभावना है। नगर निगम को मिलने वाली करीब ₹20 करोड़ की राशि से मौजूदा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और नागरिक सुविधाओं में सुधार की दिशा में कार्य हो सकता है।
राज्य स्तर पर वितरण की स्थिति
राज्य सरकार ने प्रशासनिक समन्वय के तहत कुल 169 शहरी स्थानीय निकायों में से 139 पात्र निकायों को समयसीमा के भीतर राशि का अंतरण किया है। इसके साथ ही आवश्यक ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट (GTC) भी समय पर प्रस्तुत किए गए, जिससे केंद्र द्वारा तय सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित हुआ।
केंद्रीय स्तर पर निगरानी और समन्वय
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू द्वारा विभिन्न राज्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की गई और अधिकारियों के साथ सतत संवाद बनाए रखा गया। इसके परिणामस्वरूप निधियों के निर्गमन से जुड़े दिशा-निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन संभव हो सका और छत्तीसगढ़ को यह राशि तय समय पर प्राप्त हुई।
अन्य राज्यों की तुलना में स्थिति
इस अवधि में कई राज्य उपयोगिता प्रमाणपत्र, प्रस्ताव और अनुपालन दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं कर पाए, जबकि छत्तीसगढ़ ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कीं।
आगे की प्रक्रिया
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष 2025–26 के लंबित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लगभग ₹450 करोड़ की शेष पात्र राशि 15वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने से पहले, 31 मार्च 2026 तक जारी की जा सके।
क्या कहा केंद्रीय मंत्री ने
इस अवसर पर मंत्री तोखन साहू ने कहा कि यह धनराशि शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से पेयजल, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन जैसी सेवाओं को सुदृढ़ करने में उपयोगी होगी। उन्होंने निधियों के समय पर निर्गमन और प्रभावी उपयोग को प्राथमिकता बताते हुए सभी हितधारकों से जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही।
यह पूरा अनुदान गैर-मिलियन प्लस शहरों में शहरी अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की पहल के तहत जारी किया गया है, जिसमें बिलासपुर को मिलने वाली राशि स्थानीय विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

