कवर्धा (छत्तीसगढ़)। रिश्तों की उलझन, सामाजिक दबाव और ‘बदनामी’ के डर ने एक खौफनाक साजिश को जन्म दिया। कवर्धा जिले में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड में बेटे और उसके पिता ने मिलकर बेटे की लिव-इन पार्टनर की पत्थर मारकर हत्या कर दी और शव को वॉटरफॉल में फेंक दिया। इस मर्डर प्लान को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने क्राइम टीवी शो सावधान इंडिया से प्रेरणा तक ली।
लिव-इन रिलेशन बना हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका सुखबती बैगा (24) और आरोपी देवेंद्र जायसवाल (26) पुणे में लिव-इन रिलेशन में रह रहे थे। सुखबती पहले से शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे भी थे।
सूत्रों के मुताबिक, सुखबती देवेंद्र पर शादी का लगातार दबाव बना रही थी, जबकि देवेंद्र इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए तैयार नहीं था।
मामले को और जटिल बना दिया देवेंद्र के पिता केशव प्रसाद जायसवाल की सख्त आपत्ति ने, जो इस रिश्ते को परिवार की ‘इज्जत’ के खिलाफ मानते थे।
बाप-बेटे की साजिश: ‘रास्ते से हटाना ही होगा’
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिता-पुत्र ने मिलकर सुखबती को ‘रास्ते से हटाने’ की योजना बनाई।
इस साजिश में मनोज पटेल को भी शामिल किया गया।
योजना के तहत सुखबती को कवर्धा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रानी दहरा वाटरफॉल घुमाने के बहाने ले जाया गया।
पत्थर से वार, मौके पर मौत… फिर वॉटरफॉल में फेंका शव
घटना के दौरान सुनसान इलाके में आरोपियों ने सुखबती के सिर पर पत्थर से ताबड़तोड़ हमला किया।
गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को सीधे वॉटरफॉल में फेंक दिया गया, ताकि यह हादसा या आत्महत्या लगे और पुलिस को कोई सुराग न मिले।
19 मार्च: पानी में तैरता मिला शव, मचा हड़कंप
19 मार्च की सुबह स्थानीय लोगों ने वॉटरफॉल में एक महिला का शव तैरते देखा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी, जिससे मामला और पेचीदा हो गया।
48 घंटे की जांच में खुला राज
पुलिस ने तेजी से जांच का दायरा बढ़ाया—गुमशुदगी, कॉल डिटेल, और संदिग्ध रिश्तों की पड़ताल की गई।
सिर्फ दो दिन के भीतर सुखबती और देवेंद्र के संबंधों का खुलासा हो गया।
पुणे से गिरफ्तारी, फिर टूटा ‘मर्डर प्लान’
24 मार्च को पुलिस ने देवेंद्र को पुणे से गिरफ्तार किया।
कड़ी पूछताछ में वह टूट गया और पिता व मनोज के साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूल कर ली।
इसके बाद 25 मार्च को पिता केशव प्रसाद और सहयोगी मनोज पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
क्राइम सीन रिक्रिएशन: कैसे रची गई थी मौत की पटकथा
पुलिस ने तीनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर पूरा क्राइम सीन रिक्रिएट करवाया।
इस दौरान हत्या की पूरी कहानी और प्लानिंग के हर पहलू की पुष्टि हुई।
कानूनी शिकंजा: गंभीर धाराओं में केस दर्ज
मामले में बोड़ला थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238(क), 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

