बिलासपुर | 26 मार्च 2026
बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लगभग 8 वर्षीय एक अज्ञात बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर छोड़कर अज्ञात लोग फरार हो गए।
सुबह करीब 09:00 बजे कुछ लोग बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन अंदर भर्ती कराने के बाद बिना किसी जानकारी के अचानक गायब हो गए। जब तक स्टाफ कुछ समझ पाता, वे मौके से फरार हो चुके थे।
हालत नाजुक, पहचान अब तक अंधेरे में
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक बच्चा गंभीर स्थिति में है और फिलहाल कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। उसकी पहचान, परिजन या घटना स्थल से जुड़ी कोई जानकारी अब तक सामने नहीं आ सकी है।
डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चे की जान बचाने में जुटी हुई है, लेकिन उसकी हालत को लेकर चिंता बनी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल: कौन थे वो लोग?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि—
आखिर बच्चे को अस्पताल लाने वाले लोग कौन थे?
उन्होंने अपनी पहचान क्यों छिपाई?
और सबसे अहम, बच्चे को इस हालत में अस्पताल के बाहर छोड़कर क्यों भाग गए?
घटना के बाद अस्पताल परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और यह मामला अब गंभीर लापरवाही और संदिग्ध गतिविधियों के घेरे में आ गया है।
अस्पताल में अफरा-तफरी, स्टाफ भी हैरान
अचानक सामने आए इस मामले से अस्पताल स्टाफ भी सकते में है। इमरजेंसी विभाग में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बिना किसी पहचान और जानकारी के बच्चे का इलाज शुरू करना डॉक्टरों के लिए भी चुनौती बन गया है।
EXCLUSIVE FACT
बच्चा लगभग 8 वर्ष का बताया जा रहा है
सुबह 09:00 बजे के आसपास अस्पताल लाया गया
लाने वाले अज्ञात लोग मौके से फरार
बच्चे की हालत गंभीर
अब तक कोई परिजन या पहचान सामने नहीं
कानून क्या कहता है?
भारतीय कानून के तहत किसी घायल या असहाय व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जानकारी छिपाना गंभीर सवाल खड़े करता है
भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत संदिग्ध परिस्थितियों में घायल व्यक्ति को छोड़कर भागना जांच का विषय बनता है
अस्पताल में भर्ती के दौरान सही जानकारी देना आवश्यक माना जाता है, खासकर जब मामला नाबालिग से जुड़ा हो
इस तरह के मामलों में पुलिस जांच के दौरान लाने वाले व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है
रहस्य गहराया, हर एंगल पर नजर
पूरा मामला अब रहस्य बनता जा रहा है। बच्चे की हालत, उसे अस्पताल तक पहुंचाने वाले लोग और उनकी अचानक गुमशुदगी—इन सभी पहलुओं ने इस घटना को बेहद गंभीर बना दिया है।
फिलहाल, सिम्स अस्पताल में इलाज जारी है और इस पूरे घटनाक्रम पर हर नजर टिकी हुई है।

