


बिलासपुर। माता रानी की आराधना, पारंपरिक वेशभूषा और गरबा की धुनों के बीच बिलासपुर के त्रिवेणी नगर स्थित चंद्रा सामाजिक भवन में पहली बार ‘चंद्रा गरबा गूंज’ का आयोजन किया गया। चंद्रा विकास समिति बिलासपुर के महिला प्रकोष्ठ की ओर से शुक्रवार, 16 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शाम से रात तक चले आयोजन में भक्ति, उल्लास और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संगम देखने को मिला।
चंद्रा विकास समिति बिलासपुर के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती लखेश्वरी चंद्रा एवं हेमा चंद्रा ने बताया कि माता रानी की असीम कृपा से सामाजिक स्तर पर पहली बार चंद्रा गरबा गूंज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता रानी की पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न पारंपरिक गरबा वेशभूषाओं में सजी महिलाओं ने गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक चले कार्यक्रम में महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। अंत में भोग-प्रसाद के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
महिला सहभागियों को दिए विशेष पुरस्कार
कार्यक्रम के समापन अवसर पर माता रानी की भक्त श्रीमती रजनी राम प्रसाद चंद्रा, सहायक प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय सीपत ने अपनी ओर से महिला सहभागियों को विशेष पुरस्कार वितरित किए। वहीं, श्री जीआर चंद्रा के परिवार की ओर से कार्यक्रम में शामिल सभी सहभागियों और दर्शकों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई थी।
महिलाओं के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
चंद्रा गरबा गूंज को सफल बनाने में महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों और समाज के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्रीमती लखेश्वरी, हेमा, पुष्पलता, रोशनी, प्रीति, पूर्णिमा, कपिल, लक्ष्मी, सरोज, गंगा, बिमला, सुनीता, कल्याणी, कोमल और अनीता सहित अन्य लोगों ने सहयोग प्रदान किया।
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती लखेश्वरी चंद्रा ने आयोजन में सहभागी सभी महिलाओं, सहयोगकर्ताओं और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। पहली बार आयोजित चंद्रा गरबा गूंज ने सामाजिक भवन में उत्सव का माहौल बनाया और महिलाओं को धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक रूप से अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर दिया।
