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ब्रेकिंग न्यूज़ बिलासपुर…. फसल बचाने आधी रात खेत पहुंचे ग्रामीण, हाथियों ने किया हमला; सिम्स में इलाज के दौरान एक की मौत

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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फोटो प्रतीकात्मक।

पसान के खोडरी गांव में 52 हाथियों के दल की दहशत, प्रताप सिंह को कुचलकर मार डाला; दूसरी ओर हाथ में डंडा लेकर हाथियों को खदेड़ने पहुंचा युवक, लोगों के चिल्लाने पर भी नहीं माना

मृतक प्रताप सिंह।

बिलासपुर। धान की फसल बचाने की चिंता ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। खेतों में घुसे हाथियों को भगाने शुक्रवार रात करीब 11 बजे पसान क्षेत्र के ग्राम खोडरी के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंच गए। इसी दौरान हाथियों के दल ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन प्रताप सिंह (42), पिता फूल सिंह, हाथियों की चपेट में आ गए। हाथियों ने उन्हें बुरी तरह कुचल दिया। देर रात घायल अवस्था में उन्हें उपचार के लिए सिम्स बिलासपुर लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

इस घटना ने एक बार फिर हाथियों के विचरण वाले इलाकों में फसल बचाने की मजबूरी और जान के जोखिम को सामने ला दिया है। वन विभाग लगातार ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों के नजदीक नहीं जाने की सलाह दे रहा है, लेकिन खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की चिंता ग्रामीणों को रात में भी खेतों तक जाने के लिए मजबूर कर रही है।

52 हाथियों का दल, गांवों के आसपास दहशत

पिछले कुछ दिनों से मरवाही वन मंडल के पसान क्षेत्र में 52 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वन विभाग के अनुसार, हाथियों का दल कोरबा-पेंड्रा सीमा क्षेत्र में घूम रहा है। इस दौरान हाथी खेतों में घुसकर धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। फसल बर्बाद होने की आशंका के चलते ग्रामीण रातभर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं।

वन विभाग की टीम ग्रामीणों को लगातार सतर्क कर रही है। हाथियों से दूरी बनाए रखने और उन्हें भगाने या छेड़छाड़ करने से बचने की समझाइश दी जा रही है। इसके बावजूद फसल बचाने की कोशिश में ग्रामीण हाथियों के सामने पहुंच रहे हैं, जिसका खतरनाक परिणाम खोडरी गांव में देखने को मिला।

पत्नी ने बताया- वन विभाग को दी थी सूचना

मृतक प्रताप सिंह की पत्नी गीताबाई ने बताया कि बड़ी संख्या में हाथियों का दल उनके गांव के आसपास घूम रहा है। इसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई थी। वन विभाग और पुलिस की ओर से ग्रामीणों को घरों में रहने तथा हाथियों से दूर रहने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद धान की फसल नष्ट होने की चिंता में ग्रामीण हाथियों को भगाने खेतों की ओर चले गए। इसी दौरान हाथियों ने हमला कर दिया और प्रताप सिंह की जान चली गई।

हाथियों के सामने डंडा लेकर खड़ा हुआ युवक

इधर, पसान क्षेत्र में ही हाथियों के दल को खदेड़ने की कोशिश का एक खतरनाक दृश्य भी सामने आया है। शुक्रवार सुबह एक युवक हाथ में डंडा लेकर हाथियों के सामने पहुंच गया। पीछे मौजूद लोग उसे लगातार आवाज लगाकर रोकते रहे। लोग चिल्लाते रहे कि वापस आ जाओ, हाथियों से छेड़छाड़ मत करो, लेकिन युवक लाठी लेकर हाथियों के सामने डटा रहा।

जब हाथी उसके करीब पहुंचने लगे तो युवक अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग खड़ा हुआ। इस पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। यह दृश्य हाथियों के सामने जाने के खतरे को दिखाता है।

फसल की रखवाली और जान का खतरा

पसान क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है। एक ओर खेतों में धान की फसल को बचाने की चिंता है, तो दूसरी ओर हाथियों के हमले में जान जाने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों को रातभर जागकर फसल की निगरानी करनी पड़ रही है। ऐसे में कुछ लोग हाथियों को भगाने के लिए उनके नजदीक पहुंच रहे हैं।

वन विभाग की ओर से लगातार सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों के लिए जरूरी है कि हाथियों को घेरने, डंडे से भगाने या उनके सामने जाने की कोशिश न करें। हाथियों की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को दें और सुरक्षित स्थान पर रहें। खोडरी की घटना ने साफ कर दिया है कि फसल बचाने की कोशिश में हाथियों के सामने जाना जानलेवा साबित हो सकता है।

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