



कहीं आत्मीय स्वागत, तो कहीं माता के जयकारों और जसगीतों पर झूमते श्रद्धालु; आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह, भाड़ी में माता के जगराते से भक्तिमय हुई निशा
बिलासपुर। माँ महामाया के प्रति अटूट आस्था, सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण और जन-जन की सहभागिता का अद्भुत संगम बेलतरा विधानसभा में निकाली जा रही भव्य ध्वजा यात्रा के दूसरे दिन देखने को मिला। गाँवों की गलियों से लेकर श्रद्धालुओं के हृदय तक, हर ओर माता के जयकारों की गूँज सुनाई दी। कहीं ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत कर यात्रा का अभिनंदन किया, तो कहीं पारंपरिक जसगीतों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। यह यात्रा केवल ध्वजा लेकर आगे बढ़ने का आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सामाजिक समरसता और छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति को जोड़ने वाला जन-जन का महापर्व बनती जा रही है।
विधायक श्री सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकली शारदीय नवरात्रि की भव्य ध्वजा यात्रा का दूसरा दिन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के नाम रहा। माँ महामाया एवं श्री गिरजाबंध हनुमान जी के जयकारों के साथ यात्रा ने टेकर से आगे की यात्रा प्रारंभ की। इसके बाद गिधौरी, नेवसा, जाली, बेलतरा, सलखा, धौरामुड़ा, बिटकुली, करमा, बसहा,नगपुरा, गोपालपुर, पाण्डेयपुर और भिल्मी होते हुए यात्रा रात्रि विश्राम के लिए भाड़ी पहुँची।
यात्रा के मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने आत्मीय स्वागत कर अपनी गहरी आस्था और उत्साह प्रकट किया। माता के जयकारों, भक्ति गीतों और जसगीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
बेलतरा में कुर्मी समाज ने किया आत्मीय स्वागत
बेलतरा में कुर्मी समाज द्वारा ध्वजा यात्रा का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। समाज के लोगों ने धार्मिक उत्साह के साथ यात्रा का अभिनंदन किया और माँ महामाया के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान सामाजिक सहभागिता, आपसी सौहार्द और धार्मिक एकजुटता की सुंदर झलक देखने को मिली।
आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
सलखा, धौरामुड़ा और बिटकुली,करमा, बसहा जैसे आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बड़ी संख्या में ग्रामीणजन पूरे जोश और उमंग के साथ यात्रा में सहभागी बने। माता के जयकारों और पारंपरिक जसगीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते, नाचते और गाते नजर आए। ग्रामीणों का यह उत्साह माँ महामाया के प्रति अटूट आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और पारंपरिक धार्मिक विरासत का प्रतीक बना।
गाँव-गाँव में मिल रहे आत्मीय स्वागत और जनसहभागिता ने ध्वजा यात्रा को सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और सामूहिक आस्था के उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
भाड़ी में माता के जगराते से गूँजी भक्ति की स्वर-लहरियाँ
ध्वजा यात्रा के दूसरे दिन का समापन भाड़ी में रात्रि विश्राम के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री हिलेन्द्र सिंह ठाकुर द्वारा माता के जगराते की भक्तिमय प्रस्तुति दी गई। माता के भजनों और जयकारों से पूरा ग्राम भक्तिरस में सराबोर हो गया। ग्रामवासियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ जगराते में सहभागिता की, जिससे देर रात तक वातावरण भक्तिमय बना रहा।
तीसरे दिन भी जारी रहेगी माँ महामाया की ध्वजा यात्रा
ध्वजा यात्रा के तीसरे दिन भाड़ी से यात्रा आगे बढ़ेगी। निर्धारित मार्ग के अनुसार यात्रा खैरा (ड), डंगनिया, सेलर, मोहरा, उरतुम, परसाही और उरैहापारा होते हुए माँ वैष्णोदेवी मंदिर, नागोई पहुँचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम प्रस्तावित है।
यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की सहभागिता इस धार्मिक आयोजन को निरंतर भव्यता प्रदान कर रही है। माँ महामाया के जयकारों के साथ आगे बढ़ रही यह यात्रा बेलतरा विधानसभा के लगभग 48 ग्राम पंचायतों से होकर माँ महामाया मंदिर, रतनपुर तक पहुँचेगी।
आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संदेश
विधायक श्री सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकाली जा रही यह ध्वजा यात्रा सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक आस्था के संवर्धन और समाज के प्रत्येक वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का संदेश दे रही है। गाँव-गाँव में मिल रहा उत्साहपूर्ण समर्थन और श्रद्धालुओं की सहभागिता इस यात्रा को जन-जन की आस्था का उत्सव बना रही है।
माँ महामाया की भक्ति से ओतप्रोत यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। प्रत्येक पड़ाव पर उमड़ रही श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता की भावना से पूरा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।
