

छात्राओं से कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर कांग्रेस भवन के भीतर पहुंचीं भाजपा महिला नेत्रियां और कार्यकर्ता; बैनर-पोस्टर, तख्तियों और नारेबाजी को लेकर कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति, जिला अध्यक्ष ने FIR की मांग की, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय बोले—भाजपा के सांसद-विधायक माफी मांगें, पुलिस की मौजूदगी में कार्यालय में प्रवेश कैसे हुआ?
बिलासपुर। छात्राओं से कथित यौन दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा के विरोध प्रदर्शन ने सोमवार, 12 अक्टूबर को बिलासपुर में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन करने पहुंचीं भाजपा महिला मोर्चा की नेत्रियों और कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस भवन के भीतर प्रवेश कर नारेबाजी करने, बैनर-पोस्टर और तख्तियां लगाने तथा हंगामा करने का प्रयास करने का आरोप लगा है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को बिना अनुमति कार्यालय में प्रवेश और लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की, जबकि प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने भाजपा के स्थानीय सांसदों और विधायकों से माफी मांगने को कहा। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त करने और महिला मोर्चा के नेतृत्वकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस घटनाक्रम ने बिलासपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।
कांग्रेस सांसद पर आरोपों के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, बिलासपुर शहर एवं बिलासपुर ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस मुख्यालय, कांग्रेस भवन में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का मुद्दा कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर छात्राओं के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप थे। भाजपा महिला मोर्चा ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सिद्ध होने पर नियमानुसार उचित एवं कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय, शहर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा और ग्रामीण महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गायत्री साहू सहित महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुईं।
भाजपा महिला मोर्चा का कहना था कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी भी जनप्रतिनिधि पर इस तरह के आरोप लगने की स्थिति में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच जरूरी है, ताकि तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने आ सके और कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस भवन के भीतर प्रवेश किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला मोर्चा की नेत्रियों और कार्यकर्ताओं ने बिना अनुमति तथा किसी पूर्व सूचना के कार्यालय के भीतर प्रवेश किया और वहां नारेबाजी करते हुए बैनर, पोस्टर एवं तख्तियां लगाईं। इसी घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भाजपा महिला मोर्चा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने की तत्काल FIR दर्ज करने की मांग
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने भाजपा महिला मोर्चा के इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि बिना अनुमति और पूर्व सूचना के कांग्रेस भवन के भीतर प्रवेश करना, नारेबाजी करना तथा बैनर-पोस्टर और तख्तियां लगाना अत्यंत निंदनीय है।
कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन की मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और न्यायसंगत कार्रवाई करने की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक राजनीतिक दल को विरोध करने और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर किसी अन्य राजनीतिक दल के कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश करना उचित नहीं है। पार्टी ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए दोषियों की जिम्मेदारी तय करने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
कांग्रेस की आपत्ति केवल प्रदर्शन और नारेबाजी तक सीमित नहीं है। पार्टी ने कार्यालय के भीतर प्रवेश की परिस्थितियों और पुलिस की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
अभय नारायण राय का तीखा हमला—अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा अब कहां पहुंच गई?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कांग्रेस भवन के भीतर भाजपा महिला मोर्चा के प्रवेश और प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन के अंदर प्रवेश कर प्रदर्शन करने की घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है।
राय ने भाजपा के स्थानीय सांसदों और विधायकों से इस घटनाक्रम के लिए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में भाजपा के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी भाजपा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अराजक हो चुकी है। यह अभय नारायण राय की राजनीतिक टिप्पणी थी, जिसके जरिए उन्होंने मौजूदा भाजपा के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सामान्य कार्यकर्ताओं के बजाय वरिष्ठ महिला नेता कर रही थीं। बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय और शहर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा के नेतृत्व में इस तरह का घटनाक्रम होना उनके लिए दुख और चिंता का विषय है।
राय ने सवाल उठाया कि जब वरिष्ठ महिला नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शन किया जा रहा था, तब कांग्रेस भवन के भीतर प्रवेश कर नारेबाजी करने की स्थिति क्यों बनी? उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी दूसरे दल के कार्यालय में प्रवेश करने के मामले को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पुलिस की मौजूदगी में कांग्रेस भवन में प्रवेश, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस पूरे विवाद में पुलिस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक बनकर सामने आई है। अभय नारायण राय ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता कांग्रेस भवन के भीतर प्रवेश कर गईं और उस दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे। उनके अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों का भवन के भीतर प्रवेश करना और पुलिसकर्मियों का भी अंदर जाना कई सवाल खड़े करता है।
राय ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम के दौरान मूकदर्शक बना रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश किए जाने का आरोप है, तब पुलिस ने क्या कार्रवाई की और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए?
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि किसी के निजी अथवा पार्टी कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मांग की कि घटनास्थल पर उपस्थित पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
यह मांग कांग्रेस की ओर से की गई है। पुलिसकर्मियों की वास्तविक भूमिका, उनकी जिम्मेदारी और घटनास्थल पर की गई कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
महिला मोर्चा के नेतृत्वकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
अभय नारायण राय ने भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले सभी पदाधिकारियों के खिलाफ कथित अनधिकृत प्रवेश के मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन में प्रवेश करने और वहां प्रदर्शन करने की घटना को लेकर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर यह निर्धारित किया जाए कि कार्यालय में प्रवेश किन परिस्थितियों में हुआ, किसकी अनुमति थी या नहीं थी और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने क्या भूमिका निभाई।
कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा के स्थानीय सांसदों और विधायकों से माफी मांगने की मांग भी दोहराई है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक विरोध के नाम पर किसी दल के कार्यालय की मर्यादा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
हालांकि, उपलब्ध विवरण में एफआईआर दर्ज होने, पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू होने या किसी अन्य कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं है। फिलहाल ये सभी कांग्रेस की ओर से उठाई गई मांगें हैं।
पूजा विधानी और हर्षिता पाण्डेय ने उठाया छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा
दूसरी ओर, भाजपा महिला मोर्चा ने अपने प्रदर्शन को छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ा मुद्दा बताया। प्रदर्शन में शामिल बिलासपुर महापौर पूजा विधानी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान एवं गरिमा से जुड़े किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक पक्षपात नहीं होना चाहिए।
भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। यदि किसी जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगते हैं, तो संबंधित मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए। जांच के माध्यम से तथ्यों को सामने लाकर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के विषय में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
स्नेहलता शर्मा और गायत्री साहू ने भी रखी अपनी बात
बिलासपुर शहर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा ने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज और व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर महिला मोर्चा सड़क पर उतरा है।
स्नेहलता शर्मा के अनुसार, आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही निर्धारित होनी चाहिए, लेकिन मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। महिला मोर्चा महिलाओं एवं छात्राओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
बिलासपुर ग्रामीण महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गायत्री साहू ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान से जुड़े विषयों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। छात्राओं से संबंधित गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके और कानून पर लोगों का विश्वास कायम रहे।
उन्होंने समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदर्शन के माध्यम से संबंधित मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी निर्धारित करने और कानून के अनुरूप उचित कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में शामिल रहीं महिला मोर्चा की ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता
भाजपा महिला मोर्चा के इस प्रदर्शन में महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय, चंदना गोस्वामी, बिन्दु कछवाहा, मंजुला सिंह, जयश्री चैकसे, श्रद्धा तिवारी, रीना गोस्वामी, रीता भामरा, प्रतिभा मिश्रा, कमला शुक्ला, सुमन यादव, वंदना तिवारी, सोनम साहू, मीना गोस्वामी, पूजा खत्री, कविता वर्मा, रईसा बेगम, गायत्री सोनी, रूक्मणी सोनी, रेखा सूर्यवंशी, अनीता परिहार, ललिता सूर्यवंशी, संतोषी ठाकुर, सुधा, दुर्गा साहू, रोशनी यादव, उमा मानिकपुरी, लक्ष्मी वैष्णव, पूनम श्रीवास, नंदनी साहू, अंकिता शुक्ला, रीना भट्ट, जूही वर्मा, लालकुंवर पटेल, गंगिया बाई साहू, अगिया तिवारी, संजीवनी ठाकुर और गंगा साहू सहित महिला मोर्चा की अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा ने छात्राओं से जुड़े कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की मांग की। वहीं, कांग्रेस ने कांग्रेस भवन के भीतर प्रवेश और नारेबाजी को लेकर एफआईआर दर्ज करने तथा पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की मांग उठाई।
अब आगे क्या? भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ा टकराव
बिलासपुर में कांग्रेस भवन के भीतर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन ने दो अलग-अलग मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। भाजपा महिला मोर्चा छात्राओं से जुड़े कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों पर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि कांग्रेस ने अपने कार्यालय में कथित अनधिकृत प्रवेश को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
कांग्रेस की ओर से पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने, महिला मोर्चा के नेतृत्वकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और भाजपा के स्थानीय सांसदों-विधायकों से माफी मांगने की मांग की गई है। दूसरी ओर, भाजपा महिला मोर्चा ने महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद रखने की बात कही है।
