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कलेक्ट्रेट में फरियादियों के साथ पहुंचे ‘खास मेहमान’, बंदरों की टोली ने मचाया हंगामा, जानिए क्या है पूरा मामला…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 जंगलों से भूख-प्यास के कारण कलेक्ट्रेट पहुंचे बंदर, अफसरों की बैठक और फरियादियों के बीच बना चर्चा का विषय

बिलासपुर bilaspur। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार का दिन हमेशा की तरह व्यस्तता भरा रहा। सुबह की शुरुआत टाइम लिमिट की बैठक से हुई, जहां जिले भर के अधिकारियों को कलेक्टर ने कार्यों की समीक्षा करते हुए दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद हर सोमवार की तरह जन दर्शन आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। लेकिन इस बार यह दिन खास मेहमानों के कारण सुर्खियों में रहा।

करीब एक घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में बंदरों की एक बड़ी टोली ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। भूख और प्यास से बेहाल इन वानरों ने परिसर में जमकर धमा-चौकड़ी मचाई। फरियादी और अधिकारी हैरान थे कि इतनी बड़ी संख्या में ये बंदर कलेक्ट्रेट तक कैसे पहुंच गए। हालांकि, इसका कारण जल्द ही स्पष्ट हो गया।

भोजन और पानी की कमी ने वानरों को शहर की ओर किया रुख
जानकारों का मानना है कि जंगलों में भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बंदरों ने शहरी इलाकों का रुख किया। कलेक्ट्रेट के सामने स्थित एनआईसी भवन में वन अधिकारी एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे, जिस कारण उन्होंने इस स्थिति पर ध्यान नहीं दिया।

बने मनोरंजन का केंद्र
इस दृश्य को देखकर जहां कुछ फरियादियों ने अपनी समस्याओं को भूलकर वानरों की गतिविधियों का आनंद लिया, वहीं कुछ ने इसे प्रशासन की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि जंगलों में वन्यजीवों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करना वन विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

एक बड़ा सवाल
इस अप्रत्याशित घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से जंगलों में घटते संसाधनों और वन्यजीवों की उपेक्षा को दर्शाती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर क्या कदम उठाता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही पर्याप्त सुविधाएं मिल सकें।
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं


बिलासपुर, 24 मार्च 2025/कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने अपनी साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। जनदर्शन में आज जिले के दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टोरेट पहुंचे। इस दौरान लोगों ने व्यक्तिगत एवं सामूहिक मामलों को लेकर लगभग 150 आवेदन दिया। कलेक्टर ने मिलने पहुंचे हर व्यक्ति से मुलाकात कर उनकी परेशानी पूछी और इनके समुचित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। कुछ आवेदनों का फोटो खींचकर कलेक्टर ने अधिकारियों को स्वयं ही वाट्सएप कर जल्द निराकरण करने कहा।
आज साप्ताहिक जनदर्शन में सिरगिट्टी के नवीन प्राथमिक शाला परिसर में बाऊंड्रीवाल बनवाने हेतु पार्षद द्वारा आवेदन दिया गया। उन्होंने बताया कि स्कूल में करीब 200 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल परिसर में बाऊंड्रीवाल नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों एवं शराबियों द्वारा शाला परिसर में शराब की बोतलों को फोड़ कर फेक दिया जाता है जिससे बच्चों को नुकसान होने की संभावनाएं बनी रहती है। कलेक्टर ने आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम धमनी स्थित सेन्ट एण्ड्रूज स्कूल के बच्चों ने अपने पालकों के साथ कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कुछ कारणों से स्कूल बंद हो गया है जिससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। सभी बच्चे आरटीई के तहत स्कूल मे अध्ययन कर रहे थे। उन्होंने अध्ययन की निरंतरता बनाए रखने के लिए ऐसे निजी स्कूल में प्रवेश दिलवाने की मांग की जहां आरटीई लागू हो। कलेक्टर ने उनके आवेदन को जिला शिक्षा अधिकारी को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
विकासखंड तखतपुर के ग्राम पंचायत खम्हरिया के सरपंच द्वारा ग्राम खम्हरिया के हाईस्कूल को हायर सेकंडरी स्कूल में उन्नयन करने हेतु आवेदन दिया गया। उन्होंने बताया कि हायर सेकंडरी स्कूल नहीं होने से बहुत सारे विद्यार्थी 10वीं के बाद ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं जिससे बच्चे अपने आगे की शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हो रहे हैं। कलेक्टर ने आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को भेजकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी गांव के लोगों ने पानी की समस्या से संबंधित आवेदन दिया। सरपंच ने बताया कि गांव में करीब 5000 से अधिक जनसंख्या निवासरत है। उन्होंने बताया कि आस-पास नदी और नहर भी नहीं है जिससे पानी की समस्या से निजात मिल सके। कलेक्टर ने आवेदन जल संसाधन विभाग को भेजकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
सरकंडा के माताचौरा निवासी प्रभु लाल खैरवार ने रोड निर्माण हेतु अधिग्रहित जमीन की मुआवजा राशि दिलाने कलेक्टर को आवेदन सौंपा। ग्राम कोरमी निवासी बहोरन धुरी द्वारा उनके 57 डिसमिल जमीन पर सोनउराम द्वारा काबिज करने की शिकायत कलेक्टर से की। इस मामले को एसडीएम बिलासपुर देखेंगे। ग्राम पंचायत पोड़ी के सरपंच एवं ग्रामवासियों द्वारा जूनी तालाब को मछली पालन हेतु नहीं देने की मांग की। उन्होंने बताया कि जूनी तालाब ग्राम पंचायत पोड़ी के बीच बस्ती पर स्थित है। यह आम निस्तारी तालाब है ग्रामीणों द्वारा इसका पानी पीने में भी उपयोग में लाया जाता है। इस मामले को उप संचालक मत्स्य विभाग देखेंगे। बेलगहना तहसील के ग्राम नगोई निवासी श्री उमाशंकर गुप्ता द्वारा भूमि का रिकॉर्ड दुरूस्त कर ऋण पुस्तिका एवं पर्ची बनवाने आवेदन दिया गया। इस मामले को कोटा एसडीएम देखेंगे।
मस्तूरी विकासखंड के ग्राम किरारी निवासी कृष्ण कुमार सुमन द्वारा जनपद पंचायत मस्तूरी में सहायक ग्रेड 03 के पद पर कार्यरत पिता स्व. भागवत प्रसाद सुमन के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति दिलाने की मांग की। इस मामले को सीईओ जनपद पंचायत मस्तूरी देखेंगे। बेलगहना तहसील के ग्राम नगोई निवासी श्री शिवशंकर गुप्ता द्वारा क्रेडा सौर सुजला योजना के तहत सबमर्सिबल पंप दिलाने आवेदन दिया गया। इस मामले को क्रेडा विभाग के ईई देखेंगे। ग्राम रमतला निवासी श्रीमती बलहीन बाई के निजी जमीन पर सावत राम द्वारा सड़क निर्माण करने की शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर ने आवेदन बिलासपुर एसडीएम को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

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