एमडी मेडिसिन और एमडी रेडियोडायग्नोसिस में सर्वश्रेष्ठ अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा सम्मान, दिवंगत परिजनों की स्मृति में दानदाताओं ने दी 1.5-1.5 लाख रुपये की राशि

बिलासपुर। चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने और मेधावी भावी चिकित्सकों की उपलब्धियों को सम्मानित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में सराहनीय पहल की गई है। संस्थान में एमडी मेडिसिन और एमडी रेडियोडायग्नोसिस में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्णमंडित पदक प्रदान करने के लिए दो दानदाताओं ने कुल 3 लाख रुपये की सहयोग राशि दी है। दोनों पदक अपने दिवंगत परिजनों की स्मृति में स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल से न केवल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा में मेहनत, समर्पण और शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मान देने की परंपरा भी मजबूत होगी।
दिवंगत पिता की स्मृति में एमडी मेडिसिन का स्वर्णमंडित पदक
श्रीमती स्मृति गुप्ता, जो बिलासपुर स्थित श्री रमणी ट्रीटमेंट सेंटर के डॉ. मनोज कुमार गुप्ता की पत्नी हैं, ने अपने पिता स्वर्गीय श्री श्रीकांत गुप्ता की स्मृति में एमडी मेडिसिन में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्वर्णमंडित पदक प्रदान करने के लिए 1.5 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सिम्स को सौंपा है।
इस सहयोग का उद्देश्य चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च अध्ययन कर रहे उन विद्यार्थियों को सम्मानित करना है, जो अपनी मेहनत, लगन और शैक्षणिक प्रतिभा के बल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। अपने पिता की स्मृति को चिकित्सा शिक्षा और विद्यार्थियों के सम्मान से जोड़कर उन्होंने एक प्रेरणादायी पहल की है।
दादाजी की स्मृति में एमडी रेडियोडायग्नोसिस का पदक
इसी क्रम में बिलासपुर के मान्या इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक पॉइंट के निदेशक एवं रेडियोलॉजिस्ट डॉ. कुमार देवाशीष ने अपने दादाजी स्वर्गीय श्री महेन्द्र प्रसाद समैयार की स्मृति में एमडी रेडियोडायग्नोसिस में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्वर्णमंडित पदक प्रदान करने के लिए 1.5 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट संस्थान को दिया है।
इस राशि के माध्यम से रेडियोडायग्नोसिस विषय में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी को सम्मानित किया जाएगा। चिकित्सा के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में बेहतर ज्ञान, दक्षता और अकादमिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों दानदाताओं की ओर से दिए गए 1.5-1.5 लाख रुपये के सहयोग से कुल 3 लाख रुपये की राशि सिम्स को प्राप्त हुई है। इन दोनों पदकों के जरिए अलग-अलग चिकित्सा विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने की व्यवस्था की गई है।
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने जताया आभार
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस सहयोग के लिए दोनों दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की यह पहल चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के साथ-साथ भावी चिकित्सकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा कि अपने प्रियजनों की स्मृति को शिक्षा और प्रतिभा के सम्मान से जोड़ना समाज के लिए प्रेरणादायी है। इस तरह के सहयोग से विद्यार्थियों में मेहनत, समर्पण और उत्कृष्टता की भावना मजबूत होती है। उन्होंने इस सराहनीय पहल के लिए श्रीमती स्मृति गुप्ता और डॉ. कुमार देवाशीष के प्रति संस्थान की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की।
चिकित्सा शिक्षा में सामाजिक सहभागिता की मिसाल
सिम्स परिवार ने इस पुनीत पहल के लिए श्रीमती स्मृति गुप्ता एवं डॉ. कुमार देवाशीष का आभार व्यक्त किया है। संस्थान ने आशा जताई कि भविष्य में भी समाज के प्रबुद्धजन चिकित्सा शिक्षा के विकास, मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान और भावी चिकित्सकों को प्रोत्साहित करने के लिए इसी तरह आगे आएंगे।
चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्णमंडित पदक प्रदान करने की यह पहल समाज और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग की एक सकारात्मक मिसाल है। इससे दिवंगत परिजनों की स्मृति को सम्मानजनक रूप में जीवित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी के चिकित्सकों को अपनी प्रतिभा निखारने और बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।
सिम्स में स्थापित किए जा रहे दोनों स्वर्णमंडित पदकों के लिए कुल 3 लाख रुपये का सहयोग दिया गया है। इनमें पहला पदक एमडी मेडिसिन में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी के लिए स्वर्गीय श्री श्रीकांत गुप्ता की स्मृति में और दूसरा एमडी रेडियोडायग्नोसिस में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी के लिए स्वर्गीय श्री महेन्द्र प्रसाद समैयार की स्मृति में प्रदान किया जाएगा।
