बिलासपुर में गरबा पास और मेकअप के प्रचार से जुड़े वीडियो पर विवाद, नागरिकों ने धार्मिक-सांस्कृतिक मर्यादाओं का हवाला देकर उठाए सवाल; शिकायत के बाद सिविल लाइन पुलिस ने दर्ज किया अपराध, सभी आरोपियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी
बिलासपुर। गरबा की वेशभूषा में धूम्रपान और पिस्टल जैसी वस्तु के प्रदर्शन से जुड़ा सोशल मीडिया वीडियो बिलासपुर में विवाद का कारण बन गया है। Instagram और Facebook पर प्रसारित वीडियो को लेकर शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने अपराध दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में गरबा परिधानों में सिगरेट का सेवन करते हुए और पिस्टलनुमा वस्तु हाथ में लेकर प्रचार सामग्री तैयार करते हुए दृश्य सामने आए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 196, 299 और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 1390/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए बाउंड ओवर की प्रक्रिया भी शुरू की है।
यह मामला केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों और वीडियो तक सीमित नहीं रहा। धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों के इस्तेमाल, गरबा जैसे पारंपरिक आयोजन के प्रचार और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए तैयार की जाने वाली सामग्री की मर्यादा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ताओं ने वीडियो में दिखाई देने वाले दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
गरबा पास और मेकअप के प्रचार से जुड़ी पोस्ट पर आपत्ति
शिकायत के मुताबिक, एक महिला और उसके महिला एवं पुरुष सहयोगियों ने गरबा नृत्य की वेशभूषा में सिगरेट का सेवन करते हुए तथा पिस्टल जैसी वस्तु हाथ में लेकर वीडियो तैयार किया। आरोप है कि इस सामग्री का इस्तेमाल गरबा टिकट या पास और मेकअप के प्रचार-प्रसार के लिए किया गया तथा बाद में इसे Instagram और Facebook पर प्रसारित किया गया।
शिकायतकर्ता ने इन दृश्यों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के विपरीत और अशोभनीय बताते हुए आशंका जताई कि ऐसी सामग्री का युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। शिकायत में धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों के इस्तेमाल के तरीके पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई। हालांकि, पिस्टलनुमा दिखाई देने वाली वस्तु वास्तविक हथियार थी या कोई अन्य वस्तु, इसकी पुष्टि पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद, SP कार्यालय में शिकायत
मामले को लेकर सामने आई दूसरी जानकारी के अनुसार, एक महिला के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट की गई गरबा और धार्मिक संस्कृति से जुड़ी कुछ तस्वीरों एवं वीडियो पर नागरिकों ने आपत्ति जताई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संबंधित महिला स्वयं को मेकअप आर्टिस्ट बताती हैं और उनके अकाउंट पर गरबा परिधानों में युवतियों के धूम्रपान करने, लड़कों के साथ बाइक पर बैठकर गरबा पास के प्रचार तथा अन्य आपत्तिजनक माने गए दृश्यों वाली सामग्री पोस्ट की गई थी।
इन पोस्ट को लेकर कुछ नागरिकों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और अन्य नागरिकों के SP कार्यालय पहुंचकर शिकायत देने की बात भी कही गई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से सोशल मीडिया पर उपलब्ध तस्वीरें और वीडियो पुलिस को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई थी।
इस बीच, सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, लिखित शिकायत और उपलब्ध वीडियो के आधार पर अपराध दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, उपलब्ध विवरण से यह स्पष्ट नहीं होता कि SP कार्यालय में शिकायत देने की तैयारी और पुलिस में दर्ज अपराध एक ही शिकायत-प्रक्रिया के हिस्से थे या अलग-अलग शिकायतों से जुड़ी घटनाएं थीं।
नौ आरोपियों की गिरफ्तारी, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी
पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 1390/2026 के तहत बीएनएस की धारा 196, 299 और 3(5) में अपराध पंजीबद्ध किया है। प्रकरण को विवेचना में लेते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इसके अतिरिक्त सभी आरोपियों के विरुद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को अधिकतम संभव राशि से बाउंड ओवर कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। बाउंड ओवर की कार्रवाई का उद्देश्य निर्धारित कानूनी शर्तों के तहत संबंधित व्यक्तियों से भविष्य में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
फिलहाल, मामले में पुलिस की विवेचना जारी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री, उसमें दिखाई देने वाली वस्तुओं और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
बिलासपुर पुलिस की चेतावनी… धार्मिक प्रतीकों का आपत्तिजनक इस्तेमाल न करें
मामले के बाद बिलासपुर पुलिस ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सख्त चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि धार्मिक आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार या मनोरंजन के नाम पर इस तरह नहीं किया जाना चाहिए, जिससे किसी वर्ग की भावनाएं आहत हों अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लाइक, व्यूज और प्रचार हासिल करने के लिए धार्मिक प्रतीकों का आपत्तिजनक प्रदर्शन, अशोभनीय सामग्री का प्रसार या हथियारनुमा वस्तुओं का प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री को सत्यापन के बिना आगे प्रसारित न करें।



